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Etawah News: बदलते मौसम में वायरल फीवर और खांसी-जुकाम के 60 फीसदी आ रहे मरीज
Mon, 26 Oct 2026 11:25 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Mon, 26 Oct 2026 11:25 PM IST
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फोटो 01: खून की जांच करवाने के लिए मरीजों की लगी भीड़। संवाद
इटावा। बदलते मौसम ने लोगों की सेहत बिगाड़नी शुरू कर दी है। इन दिनों तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी के बाद मरीज इमरजेंसी में दिखाने पहुंच रहे हैं। इसमें 60 फीसदी मरीज वायरल फीवर व खांसी व जुकाम के मरीज शामिल हैं।
जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, सामान्य दिनों में जहां ओपीडी में मरीजों की संख्या एक हजार के आसपास रहती थी। वहीं अब यह बढ़कर 1400 के पार कर गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बढ़ी हुई संख्या में करीब 60 फीसदी मरीज केवल वायरल फीवर, खांसी, जुकाम के हैं। सुबह से ही पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष तक मरीजों और उनके तीमारदारों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
अस्पताल आने वाले मरीजों में बच्चों और वृद्धों की संख्या सबसे ज्यादा है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। डॉक्टर मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए ब्लड टेस्ट और अन्य जरूरी जांच कराने के बाद ही दवाएं लिख रहे हैं, ताकि बीमारी की सटीक पहचान हो सके। इसके बाद उनका पूरा इलाज किया जा रहा है। इससे वह जल्दी ठीक हो सके।
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फिजीशियन डॉ. सौरभ यादव ने कहा कि ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत। उन्होंने कहा कि लोग सुबह-शाम की हल्की ठंड और दिन की गर्मी से बचकर रहें। ठंडा पानी और बाहर के खुले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। इसके अलावा, बुखार या खांसी-जुकाम के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें और खुद से दवा लेने से बचें ताकि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
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18 लोगों की जांच में डेंगू के दो नए मरीज मिले
इटावा। जिले में डेंगू के लगातार केस बढ़ रहे हैं। सोमवार को संयुक्त जिला अस्पताल में 71 मरीजों की डेंगू, टाइफाइड मलेरिया के लक्षण दिखने पर उनके खून की जांच करवाई गई। इस दौरान 18 मरीजों की डेंगू की जांच की गई, इसमें दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इसमें दो मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में डेंगू के निकले। वहीं, डेंगू वार्ड में पांच भर्ती मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वहीं, मलेरिया व टाइफाइड का कोई केस नहीं मिला। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की निगरानी में मरीजों का इलाज चल रहा है। समय-समय पर जांच के साथ मरीजों को जल्द सही होने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। (संवाद)
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जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, सामान्य दिनों में जहां ओपीडी में मरीजों की संख्या एक हजार के आसपास रहती थी। वहीं अब यह बढ़कर 1400 के पार कर गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बढ़ी हुई संख्या में करीब 60 फीसदी मरीज केवल वायरल फीवर, खांसी, जुकाम के हैं। सुबह से ही पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष तक मरीजों और उनके तीमारदारों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
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अस्पताल आने वाले मरीजों में बच्चों और वृद्धों की संख्या सबसे ज्यादा है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। डॉक्टर मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए ब्लड टेस्ट और अन्य जरूरी जांच कराने के बाद ही दवाएं लिख रहे हैं, ताकि बीमारी की सटीक पहचान हो सके। इसके बाद उनका पूरा इलाज किया जा रहा है। इससे वह जल्दी ठीक हो सके।
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फिजीशियन डॉ. सौरभ यादव ने कहा कि ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत। उन्होंने कहा कि लोग सुबह-शाम की हल्की ठंड और दिन की गर्मी से बचकर रहें। ठंडा पानी और बाहर के खुले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। इसके अलावा, बुखार या खांसी-जुकाम के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें और खुद से दवा लेने से बचें ताकि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
18 लोगों की जांच में डेंगू के दो नए मरीज मिले
इटावा। जिले में डेंगू के लगातार केस बढ़ रहे हैं। सोमवार को संयुक्त जिला अस्पताल में 71 मरीजों की डेंगू, टाइफाइड मलेरिया के लक्षण दिखने पर उनके खून की जांच करवाई गई। इस दौरान 18 मरीजों की डेंगू की जांच की गई, इसमें दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इसमें दो मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में डेंगू के निकले। वहीं, डेंगू वार्ड में पांच भर्ती मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वहीं, मलेरिया व टाइफाइड का कोई केस नहीं मिला। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की निगरानी में मरीजों का इलाज चल रहा है। समय-समय पर जांच के साथ मरीजों को जल्द सही होने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। (संवाद)