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मृत बता किसान को कर्जमाफी सूची से किया बाहर
Updated Sat, 20 Jan 2018 11:16 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। एक किसान को मृत बताकर प्रदेश सरकार की कर्जमाफी सूची से बाहर कर दिया। इसकी वजह से उसका कर्ज भी माफ नहीं हुआ। अब वह किसान खुद को जीवित बताने के लिए अधिकारियों की चौखट के चक्कर लगा रहा है। उसने प्रार्थनापत्र जिलाधिकारी को सौंपा है। इसमें उसने कर्जमाफी का लाभ दिलाने की मांग की है। इस पर डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है।
भरथना तहसील के ग्राम निबाड़ीकला के किसान सिद्धनाथ पुत्र स्व. शिवप्रसाद ने बताया कि उसके पास एक हेक्टेयर से कम भूमि है । वह लघु कृषक की सीमा में आता है। उसने अपनी भूमि पर 21 अप्रैल 2015 को भारतीय स्टेट बैंक की महेवा शाखा से 50 हजार रुपये का कृषि ऋण लिया था। कर्जमाफी सूची में उसका नंबर 251 है। उसका 51511 रुपये कर्ज माफ होना था। आज तक न तो उसे ऋणमाफी का कोई प्रमाणपत्र मिला और न ही उसके बैंक खाते में ऋणमाफी का पैसा आया।
उसने बताया कि इस संबंध में लेखपाल से जानकारी लेने पर बताया गया कि उसका नाम मृत सूची में चला गया है। इसलिए उसे ऋणमाफी का लाभ नहीं मिल पाया। प्रार्थनापत्र डीएम को सौंपकर उसने ऋणमाफी का लाभ दिलाने की मांग की है। इस पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने जिला कृषि अधिकारी को इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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-डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को सौंपी जांच
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इटावा। एक किसान को मृत बताकर प्रदेश सरकार की कर्जमाफी सूची से बाहर कर दिया। इसकी वजह से उसका कर्ज भी माफ नहीं हुआ। अब वह किसान खुद को जीवित बताने के लिए अधिकारियों की चौखट के चक्कर लगा रहा है। उसने प्रार्थनापत्र जिलाधिकारी को सौंपा है। इसमें उसने कर्जमाफी का लाभ दिलाने की मांग की है। इस पर डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है।
भरथना तहसील के ग्राम निबाड़ीकला के किसान सिद्धनाथ पुत्र स्व. शिवप्रसाद ने बताया कि उसके पास एक हेक्टेयर से कम भूमि है । वह लघु कृषक की सीमा में आता है। उसने अपनी भूमि पर 21 अप्रैल 2015 को भारतीय स्टेट बैंक की महेवा शाखा से 50 हजार रुपये का कृषि ऋण लिया था। कर्जमाफी सूची में उसका नंबर 251 है। उसका 51511 रुपये कर्ज माफ होना था। आज तक न तो उसे ऋणमाफी का कोई प्रमाणपत्र मिला और न ही उसके बैंक खाते में ऋणमाफी का पैसा आया।
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उसने बताया कि इस संबंध में लेखपाल से जानकारी लेने पर बताया गया कि उसका नाम मृत सूची में चला गया है। इसलिए उसे ऋणमाफी का लाभ नहीं मिल पाया। प्रार्थनापत्र डीएम को सौंपकर उसने ऋणमाफी का लाभ दिलाने की मांग की है। इस पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने जिला कृषि अधिकारी को इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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