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Etawah News: सात साल में 50 हजार खर्च अब एक हजार रुपये में निपटा विवाद
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इटावा। थाना बढ़पुरा के पूठन निवासी मनोज कुमार का पड़ोसी से खेत की मेड़ काटने को लेकर 2019 में विवाद हुआ था। दोनों पक्षों में हुई मारपीट के बाद खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बाद में यह मामला कोर्ट में पहुंचा। मनोज कुमार ने बताया कि प्राथमिकी में परिवार के अन्य लोगों के नाम होने पर हर तारीख पर आने-जाने व वकील की फीस समेत हजार रुपये खर्च हो जाते थे। कई बार सुलह-समझौते के प्रयास किए लेकिन बात नहीं बन सकी। इन सात सालों में उनके करीब 50 हजार रुपये खर्च हो गए। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौते के लिए आवेदन किया। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में कुछ ही देर में उनका विपक्षी से समझौता हो गया। इस दौरान उनके सिर्फ एक हजार रुपये खर्च हुए।
शनिवार सुबह जिला कचहरी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। सुबह से ही लोग मामलों के निस्तारण करवाने को लेकर जिला कचहरी में पहुंचने लगे। कुछ ही देर में लोगों की काफी भीड़ लग गई। इस दौरान एसबीआई, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पीएनबी समेत निजी फाइनेंस के शिविर लगाए गए थे। इस दौरान केसीसी, पारिवारिक मामले, बिजली निगम, संपत्ति विवाद, वाहन दुर्घटना बीमा क्लेम, उपभोक्ता शिकायतें, श्रम आदि के मामले राष्ट्रीय लोक अदालत में आए। सबसे अधिक भीड़ एसबीआई व बिजली निगम के शिविरों में रही। इसके अलावा वाहनों के चालान के समाप्त करने वाले लोगों की अधिक भीड़ रही।
पूठन निवासी मनोज कुमार ने बताया कि 2019 में पड़ोसी अशोक कुमार से मेड़ काटने पर विवाद हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के समझाने के बाद भी दोनों लोग झुकने को तैयार नहीं थे। बाद में दोनों पक्षों ने समझौता करने का फैसला किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में सिर्फ 10 मिनट में ही दोनों पक्षों समझौता हो गया।
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औरैया के भौसून निवासी अजय शंकर ने बताया कि उन्होंने 2018 में हत्या के मामले में भाई के दोस्त की जमानत दी थी। इसके लिए एक-एक लाख रुपये की जमानत राशि भरी गई थी। बाद में हत्यारोपी भाग गया। जमानतगीर अजय शंकर व शैलेंद्र कुमार को कोर्ट ने दो लाख रुपये जमा करने के आदेश दिए। इससे पीड़ित अजय शंकर परेशान हो गए। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत में आवेदन किया। यहां उनका 1.5 लाख भरने पड़ गए। इसके बाद उनका पीछा छूटा।
महेवार के मेहंदीपुर निवासी विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने 2018 में केसीसी लिया था। इसका वह समय-समय पर जुर्माना भरते रहे। इसके बाद भी बैंक ऑफ वडोदरा ने 90 हजार रुपये जमा करने का नोटिस दिया। पीड़ित इससे परेशान हो गया। साथ ही बैंक ने रुपये न जमा न करने पर कार्रवाई की नोटिस दी। पीड़ित ने राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। इसमें 30 हजार रुपये में निदान पर सहमति बनी।
लोक अदालत में कुल 1,32,782 मामलों का निस्तारण कर पूर्व राष्ट्रीय लोक अदालत का रिकॉर्ड तोड़ दिया गया। जिला जज एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रजत सिंह जैन ने राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। जिला जज रजत सिंह जैन ने दो वाद, अपर जिला जज प्रथम अखिलेश कुमार ने तीन वाद, विशेष न्यायाधीश संजय कुमार चतुर्थ ने पांच वाद तथा विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) अंकुर शर्मा ने 405 वादों का निस्तारण किया गया।
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शनिवार सुबह जिला कचहरी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। सुबह से ही लोग मामलों के निस्तारण करवाने को लेकर जिला कचहरी में पहुंचने लगे। कुछ ही देर में लोगों की काफी भीड़ लग गई। इस दौरान एसबीआई, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पीएनबी समेत निजी फाइनेंस के शिविर लगाए गए थे। इस दौरान केसीसी, पारिवारिक मामले, बिजली निगम, संपत्ति विवाद, वाहन दुर्घटना बीमा क्लेम, उपभोक्ता शिकायतें, श्रम आदि के मामले राष्ट्रीय लोक अदालत में आए। सबसे अधिक भीड़ एसबीआई व बिजली निगम के शिविरों में रही। इसके अलावा वाहनों के चालान के समाप्त करने वाले लोगों की अधिक भीड़ रही।
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पूठन निवासी मनोज कुमार ने बताया कि 2019 में पड़ोसी अशोक कुमार से मेड़ काटने पर विवाद हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के समझाने के बाद भी दोनों लोग झुकने को तैयार नहीं थे। बाद में दोनों पक्षों ने समझौता करने का फैसला किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में सिर्फ 10 मिनट में ही दोनों पक्षों समझौता हो गया।
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औरैया के भौसून निवासी अजय शंकर ने बताया कि उन्होंने 2018 में हत्या के मामले में भाई के दोस्त की जमानत दी थी। इसके लिए एक-एक लाख रुपये की जमानत राशि भरी गई थी। बाद में हत्यारोपी भाग गया। जमानतगीर अजय शंकर व शैलेंद्र कुमार को कोर्ट ने दो लाख रुपये जमा करने के आदेश दिए। इससे पीड़ित अजय शंकर परेशान हो गए। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत में आवेदन किया। यहां उनका 1.5 लाख भरने पड़ गए। इसके बाद उनका पीछा छूटा।
महेवार के मेहंदीपुर निवासी विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने 2018 में केसीसी लिया था। इसका वह समय-समय पर जुर्माना भरते रहे। इसके बाद भी बैंक ऑफ वडोदरा ने 90 हजार रुपये जमा करने का नोटिस दिया। पीड़ित इससे परेशान हो गया। साथ ही बैंक ने रुपये न जमा न करने पर कार्रवाई की नोटिस दी। पीड़ित ने राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। इसमें 30 हजार रुपये में निदान पर सहमति बनी।
लोक अदालत में कुल 1,32,782 मामलों का निस्तारण कर पूर्व राष्ट्रीय लोक अदालत का रिकॉर्ड तोड़ दिया गया। जिला जज एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रजत सिंह जैन ने राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। जिला जज रजत सिंह जैन ने दो वाद, अपर जिला जज प्रथम अखिलेश कुमार ने तीन वाद, विशेष न्यायाधीश संजय कुमार चतुर्थ ने पांच वाद तथा विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) अंकुर शर्मा ने 405 वादों का निस्तारण किया गया।