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46 हजार बुजुर्गों की पेंशन लटकी
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Wed, 14 Jun 2017 11:26 PM IST
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सुख्ारानी
- फोटो : अमर उजाला
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करीब साढ़े 46 हजार बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन छह माह के अटकी पड़ी है। लाभार्थी बैंक और समाज कल्याण दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर हैं। पेंशन सीधे उनके खातों में जाती है। लिहाजा समाज कल्याण विभाग ने भी अपने हाथ खड़े कर रखे हैं।
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60 साल से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों को सरकार हर माह 400 रुपये के हिसाब से तीन माह की पेंशन एक साथ उपलब्ध कराती है। जिले में कुल 46783 बुजुर्ग लाभार्थियों को यह पेंशन दी जा रही है। पहले यह पेंशन साल में दो बार दी जाती थी। लेकिन पिछले वर्ष से पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के जरिए यह पेंशन साल में चार बार उनके खाते में पहुंचाई जाती है।
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गत जनवरी से पेंशन न मिलने से बुजुर्गों को भरण पोषण की समस्या हो रही है। कलक्ट्रेट स्थित समाज कल्याण के दफ्तर पर हर रोज कई लाभार्थी पेंशन की जानकारी करने पहुंचते हैं। लेकिन उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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इंसेट
क्या होता है पीएफएमएस
पीएफएमएस यानि पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम एक सॉफ्टवेयर है। इसके जरिए सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में पहुंचने वाली राशि पर नियंत्रण रखा जाता है।
10 हजार नए आवेदन लंबित
एक तरफ साढ़े 46 हजार लाभार्थियों की पेंशन लटकी है तो दूसरी तरफ 9990 आवेदन लंबित पड़े हैं। इनकी जांच पूरी होना बाकी है। जांच होने के बाद पेंशन की संस्तुति तभी मिलेगी जब शासन से हरी झंडी मिलेगी। पेंशन के लिए आवेदन करने वाले भी हर रोज दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं।
छह माह साइट ही बंद रही
सैफई ब्लॉक क्षेत्र के लछवाई गांव निवासी शिवकुमार ने पेंशन के लिए आवेदन किया है। अभी उनकी पेंशन नहीं बंधी है। उन्होंने कहा कि छह माह से साइट बंद पड़ी है। अब पता नहीं कब पेंशन शुरू होगी।
30 रुपये तो किराये में हुए खर्च
जसवंतनगर के तमैरा गांव से आए राम बहादुर बुधवार को समाज कल्याण के दफ्तर पहुंचे। बताया कि आने जाने का किराया ही 30 रुपये खर्च हो गया। मजबूरी थी, छह माह से पेंशन नहीं आ रही है। जानकारी करने आए तो बताया कि सत्यापन चल रहा है।
किस्मत में भटकना लिखा
बसरेहर ब्लॉक के मुगलपुरा चौपुला की सुखरानी देवी पेंशन न पहुंचने से काफी परेशान दिखीं। बताया कि कई बार आ चुकी हैं। लेकिन सही बात नहीं बताई गई। दुखी होकर बोली कि किस्मत में ही भटकना लिखा है।
वर्जन
साल में एक बार लाभार्थियों का सत्यापन होता है। इसी के चलते पेंशन लंबित है। उम्मीद है कि जुलाई तक लाभार्थियों की पेंशन उनके खातों में पहुंच जाएगी।
- रजनीश पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी, इटावा