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हाईस्कूल के 3381 छात्रों ने छोड़ी परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Fri, 19 Feb 2016 12:32 AM IST
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा तमाम अव्यवस्थाओं के बीच गुरुवार को शुरू हो गई। पहले दिन हिंदी के पेपर में एक भी नकलची आंतरिक या बाहरी सचल दल के हत्थे नहीं चढ़े। आनलाइन अनुपस्थिति की सूचना देने की व्यवस्था भी धड़ाम हो गई।
बमुश्किल 10 फीसदी गैर हाजिर परीक्षार्थियों की सूचना ही आनलाइन उपलब्ध हो सकी। सुबह की पाली में हाईस्कूल के पंजीकृत 28723 परीक्षार्थियों में से 25342 उपस्थित रहे और 3381 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के 22772 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे।
लेकिन गैरहाजिर परीक्षार्थियों की आनलाइन सूचना देने की व्यवस्था चरमरा जाने से देर शाम तक कंट्रोल रूप को भी संख्या प्राप्त नहीं हुई। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सचल दल की छह टीमें लगाई गई। इसके अलावा जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहे।
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जिले के कई परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक भी नहीं पहुंचे और पुलिस कर्मी भी से देर से आए। गुरुवार को हाईस्कूल व इंटर की हिंदी की परीक्षा हुई। सुबह 7:30 बजे पहली पाली में परीक्षा देने के लिए करीब घंटा भर पूर्व से तमाम छात्र छात्राएं अपने अपने केंद्रों पर पहुंच चुके थे। परीक्षा केंद्रों पर 6 बजे से ही पुलिस कर्मियों की तैनात किया जाना था।
शहर के केंद्रों पर तो पुलिस बल दिखाई दिया। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के कई केंद्रों पर फोर्स सुबह 7 बजे तक पहुंचा। शहर के कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के जूते उतरवा कर कक्ष में प्रवेश करने की अनुमति दी गई। कक्ष के अंदर भी जो छात्र बेल्ट लगाकर आए थे।
उन्हें उतरवा कर अलग रखवा दिया गया। नकलचियों को पकड़ने के लिए सचल दल ने सुबह की पाली में 19 और दोपहर की पाली में 21 परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। हालांकि एक भी नकलची सचल दल के हत्थे नहीं चढ़ा।
उधर, परीक्षा के पहले ही दिन आनलाइन अनुपस्थिति देने की व्यवस्था चरमरा गई।
मालूम हो कि बोर्ड की ओर से केंद्र व्यवस्थापकों को वोडाफोन की एक सिम पोस्टपेड नेटवर्क के साथ उपलब्ध कराई गई है। इस सिम के माध्यम से बोर्ड की साइट पर अनुपस्थित परीक्षार्थियों की सूचना सॉफ्टवेयर से भेजी जानी थी। बृहस्पतिवार को प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान जब आनलाइन अनुपस्थिति की प्रक्रिया अपनाई गई तो वोडाफोन का नेटवर्क नहीं चला।
कई सिम भी एक्टीवेट नहीं रहे। इसकी सूचना केंद्र व्यवस्थापकों ने डीआईओएस कार्यालय में बने कंट्रोल रूम को देनी शुरू की। जिसके बाद बोर्ड को अवगत कराया गया। बोर्ड से मिले निर्देश के बाद केंद्र व्यवस्थापकों को अपनी निजी सिम से आनलाइन अनुपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया। बावजूद इसके जिले से बमुश्किल 10 अनुपस्थित परीक्षार्थियों की सूचना ही बोर्ड को ऑनलाइन भेजी जा सकी।
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बमुश्किल 10 फीसदी गैर हाजिर परीक्षार्थियों की सूचना ही आनलाइन उपलब्ध हो सकी। सुबह की पाली में हाईस्कूल के पंजीकृत 28723 परीक्षार्थियों में से 25342 उपस्थित रहे और 3381 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के 22772 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे।
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लेकिन गैरहाजिर परीक्षार्थियों की आनलाइन सूचना देने की व्यवस्था चरमरा जाने से देर शाम तक कंट्रोल रूप को भी संख्या प्राप्त नहीं हुई। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सचल दल की छह टीमें लगाई गई। इसके अलावा जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहे।
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जिले के कई परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक भी नहीं पहुंचे और पुलिस कर्मी भी से देर से आए। गुरुवार को हाईस्कूल व इंटर की हिंदी की परीक्षा हुई। सुबह 7:30 बजे पहली पाली में परीक्षा देने के लिए करीब घंटा भर पूर्व से तमाम छात्र छात्राएं अपने अपने केंद्रों पर पहुंच चुके थे। परीक्षा केंद्रों पर 6 बजे से ही पुलिस कर्मियों की तैनात किया जाना था।
शहर के केंद्रों पर तो पुलिस बल दिखाई दिया। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के कई केंद्रों पर फोर्स सुबह 7 बजे तक पहुंचा। शहर के कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के जूते उतरवा कर कक्ष में प्रवेश करने की अनुमति दी गई। कक्ष के अंदर भी जो छात्र बेल्ट लगाकर आए थे।
उन्हें उतरवा कर अलग रखवा दिया गया। नकलचियों को पकड़ने के लिए सचल दल ने सुबह की पाली में 19 और दोपहर की पाली में 21 परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। हालांकि एक भी नकलची सचल दल के हत्थे नहीं चढ़ा।
उधर, परीक्षा के पहले ही दिन आनलाइन अनुपस्थिति देने की व्यवस्था चरमरा गई।
मालूम हो कि बोर्ड की ओर से केंद्र व्यवस्थापकों को वोडाफोन की एक सिम पोस्टपेड नेटवर्क के साथ उपलब्ध कराई गई है। इस सिम के माध्यम से बोर्ड की साइट पर अनुपस्थित परीक्षार्थियों की सूचना सॉफ्टवेयर से भेजी जानी थी। बृहस्पतिवार को प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान जब आनलाइन अनुपस्थिति की प्रक्रिया अपनाई गई तो वोडाफोन का नेटवर्क नहीं चला।
कई सिम भी एक्टीवेट नहीं रहे। इसकी सूचना केंद्र व्यवस्थापकों ने डीआईओएस कार्यालय में बने कंट्रोल रूम को देनी शुरू की। जिसके बाद बोर्ड को अवगत कराया गया। बोर्ड से मिले निर्देश के बाद केंद्र व्यवस्थापकों को अपनी निजी सिम से आनलाइन अनुपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया। बावजूद इसके जिले से बमुश्किल 10 अनुपस्थित परीक्षार्थियों की सूचना ही बोर्ड को ऑनलाइन भेजी जा सकी।