{"_id":"597e24664f1c1be72d8b4809","slug":"31501439078-etawah-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यंगस्टरों में मतदाता बनने को लेकर नहीं दिखी उत्सुकता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यंगस्टरों में मतदाता बनने को लेकर नहीं दिखी उत्सुकता
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
18 से 21 वर्ष के युवाओं के नाम विधानसभा व लोकसभा की मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए रविवार को मतदान केंद्रों पर पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। सभी केंद्रों पर बीएलओ तो पूरे दिन बैठे रहे लेकिन इक्का दुक्का युवा ही मतदाता बनने के लिए पहुंचे।
चुनाव आयोग के निर्देश पर पहली बार पहली जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक 18 से 21 वर्ष के युवाओं को ही मतदाता बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया था। इस दौरान नौ तथा 23 जुलाई दो विशेष अभियान चले। इसी कड़ी में रविवार को चले विशेष अभियान के तहत मतदान केंद्रों पर बीएलओ नजर आए। एसडी इंटर कालेज मतदान केंद्र पर भी चार बीएलओ बैठे मिले। केके महाविद्यालय में पुख्ता तालाब बजरिया की बीएलओ आशा चौहान, सती मोहल्ला की बीएलओ सरोज वर्मा और न्यू कालोनी के बीएलओ विवेक कुमार मिले। और दोपहर बीतने के बाद कोई भी युवा यहां नहीं पहुंचा।
- तीसरा विशेष अभियान भी सन्नाटे के नाम रहा
विज्ञापन
इटावा।
18 से 21 वर्ष के युवाओं के नाम विधानसभा व लोकसभा की मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए रविवार को मतदान केंद्रों पर पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। सभी केंद्रों पर बीएलओ तो पूरे दिन बैठे रहे लेकिन इक्का दुक्का युवा ही मतदाता बनने के लिए पहुंचे।
चुनाव आयोग के निर्देश पर पहली बार पहली जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक 18 से 21 वर्ष के युवाओं को ही मतदाता बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया था। इस दौरान नौ तथा 23 जुलाई दो विशेष अभियान चले। इसी कड़ी में रविवार को चले विशेष अभियान के तहत मतदान केंद्रों पर बीएलओ नजर आए। एसडी इंटर कालेज मतदान केंद्र पर भी चार बीएलओ बैठे मिले। केके महाविद्यालय में पुख्ता तालाब बजरिया की बीएलओ आशा चौहान, सती मोहल्ला की बीएलओ सरोज वर्मा और न्यू कालोनी के बीएलओ विवेक कुमार मिले। और दोपहर बीतने के बाद कोई भी युवा यहां नहीं पहुंचा।
विज्ञापन
- तीसरा विशेष अभियान भी सन्नाटे के नाम रहा