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सफारी में भालुओं को मिलेगा जंगली माहौल
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:43 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
सफारी पार्क के भालुओं को जंगल जैसा माहौल देने की तैयारी की जा रही है। भालू सफारी में वाटर होल बनाने के साथ ही भालुओं के लेटने के लिए हनी कांब, झूले, चारपाई, पथरीली गुफाएं तैयार की जा चुकी हैं। यहां दिन भर भालू मौज-मस्ती कर सकेंगे। पर्यटकों भी यहां भालुओं को देख सकेंगे।
भालू सफारी में शंकर, कालिया व भोलू नर भालू हैं जबकि कुन्नी मादा भालू है। अभी इन्हें एनिमल हाउस में रखा गया है। अगस्त में इन्हें सफारी में छोड़ने की तैयारी है। इससे पूर्व भालू सफारी को इस तरह से तैयार किया जा रहा है जिससे भालुओं को यहां पर पूरा जंगली माहौल मिले।
भालुओं के लिए यहां सात पत्थर की गुफाएं बनाई गईं हैं। गर्मी और बारिश में भालू इनमें आराम कर सकेंगे। इसके साथ ही यहां तीन वाटर होल बनाए गए हैं। इनके पास ही भालुओं के आराम करने के लिए बल्लियों से तीन चारपाई का निर्माण किया गया है। यहां खुली धूप में भालू आराम कर सकेंगे।
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ऐसे मिलेगा शहद का लुत्फ
शहद भालुओं की पसंदीदा चीज है। यही कारण है कि भालू सफारी में तीन हनी कांब भी लगाए गए हैं। ये लकड़ी के छोटे पोल की तरह हैं, जिसमें चारों ओर छोटे-छोटे छिद्र हैं। इसे एक बार शहद से भरा जाएगा। भालू इनसे धीरे-धीरे निकलने वाले शहद को चाटकर पूरा लुत्फ ले सकेंगे।
बोए जाएंगे आलू और शकरकंद
इटावा। भालुओं को दो बार मनपसंद खाना दिया जाएगा। भालूू खोजी प्रवृत्ति का होता है। वह सूंघने की शक्ति से जंगल में जमीन के नीचे दबे भोजन को भी खोदकर ढूंढ़ लेता है। इसको देखते हुए भालू सफारी में जगह-जगह आलू, शकरकंद की बुवाई की जाएगी। भालू को कद्दू भी पसंद है। इसे भी बोया जाएगा।
विशेषज्ञों की मदद से किए गए इंतजाम: डायरेक्टर
इटावा। इटावा सफारी पार्क के डायरेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि भालू सफारी क ो बेहतर बनाने की जिम्मेदारी रिटायर्ड एएसएफ आरबी उत्तम और सहायक वन संरक्षक एनआर सिंह को सौंपी गई है। आरबी उत्तम बायोलॉजिस्ट के रूप में सफारी में कार्य कर रहे हैं और लगभग सफारी को तैयार किया जा चुका है। श्री सिंह का कहना है कि उनका प्रयास होगा कि भालुओं को अगस्त-सितंबर तक सफारी में शिफ्ट कर दिया जाए।
- सफारी में भालुओं को मिलेगा जंगली माहौल
- धूप और बारिश में आराम के लिए बनाई गईं सात पथरीली गुफाएं
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इटावा।
सफारी पार्क के भालुओं को जंगल जैसा माहौल देने की तैयारी की जा रही है। भालू सफारी में वाटर होल बनाने के साथ ही भालुओं के लेटने के लिए हनी कांब, झूले, चारपाई, पथरीली गुफाएं तैयार की जा चुकी हैं। यहां दिन भर भालू मौज-मस्ती कर सकेंगे। पर्यटकों भी यहां भालुओं को देख सकेंगे।
भालू सफारी में शंकर, कालिया व भोलू नर भालू हैं जबकि कुन्नी मादा भालू है। अभी इन्हें एनिमल हाउस में रखा गया है। अगस्त में इन्हें सफारी में छोड़ने की तैयारी है। इससे पूर्व भालू सफारी को इस तरह से तैयार किया जा रहा है जिससे भालुओं को यहां पर पूरा जंगली माहौल मिले।
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भालुओं के लिए यहां सात पत्थर की गुफाएं बनाई गईं हैं। गर्मी और बारिश में भालू इनमें आराम कर सकेंगे। इसके साथ ही यहां तीन वाटर होल बनाए गए हैं। इनके पास ही भालुओं के आराम करने के लिए बल्लियों से तीन चारपाई का निर्माण किया गया है। यहां खुली धूप में भालू आराम कर सकेंगे।
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ऐसे मिलेगा शहद का लुत्फ
शहद भालुओं की पसंदीदा चीज है। यही कारण है कि भालू सफारी में तीन हनी कांब भी लगाए गए हैं। ये लकड़ी के छोटे पोल की तरह हैं, जिसमें चारों ओर छोटे-छोटे छिद्र हैं। इसे एक बार शहद से भरा जाएगा। भालू इनसे धीरे-धीरे निकलने वाले शहद को चाटकर पूरा लुत्फ ले सकेंगे।
बोए जाएंगे आलू और शकरकंद
इटावा। भालुओं को दो बार मनपसंद खाना दिया जाएगा। भालूू खोजी प्रवृत्ति का होता है। वह सूंघने की शक्ति से जंगल में जमीन के नीचे दबे भोजन को भी खोदकर ढूंढ़ लेता है। इसको देखते हुए भालू सफारी में जगह-जगह आलू, शकरकंद की बुवाई की जाएगी। भालू को कद्दू भी पसंद है। इसे भी बोया जाएगा।
विशेषज्ञों की मदद से किए गए इंतजाम: डायरेक्टर
इटावा। इटावा सफारी पार्क के डायरेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि भालू सफारी क ो बेहतर बनाने की जिम्मेदारी रिटायर्ड एएसएफ आरबी उत्तम और सहायक वन संरक्षक एनआर सिंह को सौंपी गई है। आरबी उत्तम बायोलॉजिस्ट के रूप में सफारी में कार्य कर रहे हैं और लगभग सफारी को तैयार किया जा चुका है। श्री सिंह का कहना है कि उनका प्रयास होगा कि भालुओं को अगस्त-सितंबर तक सफारी में शिफ्ट कर दिया जाए।
- सफारी में भालुओं को मिलेगा जंगली माहौल
- धूप और बारिश में आराम के लिए बनाई गईं सात पथरीली गुफाएं