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Etawah News: पंजीकृत श्रमिकों को बेटी के जन्म पर 31 हजार
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- मातृत्व, बालिका, विवाह और शिक्षा सहायता समेत कई योजनाओं की दी जानकारी, छह श्रमिक परिवारों को मिला लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकास भवन स्थित वीसी रूम में मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीडीओ अजय कुमार गौतम ने की। इस दौरान छह पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को कुल 1.66 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई।
सीडीओ ने कहा कि बोर्ड के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रितों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। उन्होंने बताया कि 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे श्रमिक, जिन्होंने पिछले 12 माह में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया हो, वे जनसेवा केंद्रों के माध्यम से श्रम विभाग में पंजीकरण कराकर योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के तहत पंजीकृत पुरुष श्रमिक को पुत्र जन्म पर 26 हजार रुपये तथा पुत्री जन्म पर 31 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं पंजीकृत महिला श्रमिकों को भी चिकित्सा बोनस सहित अतिरिक्त लाभ उपलब्ध कराया जाता है।
सीडीओ ने कन्या विवाह सहायता योजना की जानकारी देते हुए बताया कि स्वजातीय विवाह पर 65 हजार, अंतर्जातीय विवाह पर 75 हजार और सामूहिक विवाह पर 85 हजार रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसके अलावा मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को 25 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता और पांच लाख रुपये की सावधि जमा का लाभ दिया जाता है। सहायक श्रमायुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से लेकर शोध कार्य तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, एनआईएफटी और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों की वास्तविक फीस की भी प्रतिपूर्ति की जाती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकास भवन स्थित वीसी रूम में मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीडीओ अजय कुमार गौतम ने की। इस दौरान छह पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को कुल 1.66 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई।
सीडीओ ने कहा कि बोर्ड के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रितों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। उन्होंने बताया कि 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे श्रमिक, जिन्होंने पिछले 12 माह में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया हो, वे जनसेवा केंद्रों के माध्यम से श्रम विभाग में पंजीकरण कराकर योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के तहत पंजीकृत पुरुष श्रमिक को पुत्र जन्म पर 26 हजार रुपये तथा पुत्री जन्म पर 31 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं पंजीकृत महिला श्रमिकों को भी चिकित्सा बोनस सहित अतिरिक्त लाभ उपलब्ध कराया जाता है।
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सीडीओ ने कन्या विवाह सहायता योजना की जानकारी देते हुए बताया कि स्वजातीय विवाह पर 65 हजार, अंतर्जातीय विवाह पर 75 हजार और सामूहिक विवाह पर 85 हजार रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसके अलावा मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को 25 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता और पांच लाख रुपये की सावधि जमा का लाभ दिया जाता है। सहायक श्रमायुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से लेकर शोध कार्य तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, एनआईएफटी और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों की वास्तविक फीस की भी प्रतिपूर्ति की जाती है।
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