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जीभ के कैंसर की सफल सर्जरी कर मरीज की बचायी जान 6
Updated Sun, 02 Dec 2018 12:04 AM IST
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सैफई(इटावा)। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के कैंसर सर्जरी विभाग के सर्जन डॉक्टर प्रवीन कुमार मैदीरत्ता और उनकी टीम ने तीन घंटे चले ऑपरेशन में जीभ के कैंसर की सर्जरी कर मरीज को नया जीवन दिया है। सर्जरी के बाद मरीज रंजीत कुमार (45) ठीक हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर राजकुमार, प्रतिकुलपति डॉक्टर रमाकांत यादव, संकाय अध्यक्ष डॉक्टर अभय सिन्हा, कुलसचिव डॉक्टर पीके जैन, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आदेश कुमार तथा विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी अनिल कुमार पांडेय ने प्रवीन कुमार मैदीरत्ता तथा उनकी टीम को बधाई दी है।
कैंसर सर्जरी विभाग के सर्जन डॉक्टर प्रवीन कुमार मैदीरत्ता ने बताया कि कैंसर गंभीर बीमारी है। समय से इलाज न मिलने पर यह शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। मुंह तथा गले का कैंसर देश में सबसे ज्यादा होता है। इसका कारण तंबाकू तथा गुटखा आदि का सेवन है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के कैंसर सर्जरी विभाग में जीभ, मुंह, स्वरपेटी, चेहरा, थायराइड, पैरोटिड का इलाज संभव हो चुका है।
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉक्टर रमाकांत यादव ने बताया कि वर्तमान में कैंसर सर्जरी विभाग के सर्जन डॉक्टर प्रवीन कुमार मैदीरत्ता की देख रेख में इलाज चल रहा है। आने वाले समय में कैंसर की जटिल सर्जरी विभाग में उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही स्तन में गांठ का कैंसर, फेफड़े में गांठ, खाने की नली व पेट के कैंसर, पित्त की थैली, जिगर के कैंसर, पेशाब के रास्ते और किडनी के कैंसर, बच्चेदानी तथा अंडाणु के कैंसर का भी इलाज संभव हो सकेगा।
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रमाकांत यादव ने बताया कि कैंसर सर्जरी की ओपीडी अभी सप्ताह में दो दिन रखी गई है। मंगलवार और शुक्रवार को पुरानी ओपीडी बिल्डिंग के कमरा नंबर 64 में कैंसर सर्जरी विशेषज्ञ प्रवीन कुमार मैदीरत्ता मरीजों को देखेंगे।
जीभ की सर्जरी कर बचाई जान
जीभ में था कैंसर, साढ़े तीन घंटे ऑपरेशन के बाद मिली सफलता
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कैंसर सर्जरी विभाग के सर्जन डॉक्टर प्रवीन कुमार मैदीरत्ता ने बताया कि कैंसर गंभीर बीमारी है। समय से इलाज न मिलने पर यह शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। मुंह तथा गले का कैंसर देश में सबसे ज्यादा होता है। इसका कारण तंबाकू तथा गुटखा आदि का सेवन है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के कैंसर सर्जरी विभाग में जीभ, मुंह, स्वरपेटी, चेहरा, थायराइड, पैरोटिड का इलाज संभव हो चुका है।
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विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉक्टर रमाकांत यादव ने बताया कि वर्तमान में कैंसर सर्जरी विभाग के सर्जन डॉक्टर प्रवीन कुमार मैदीरत्ता की देख रेख में इलाज चल रहा है। आने वाले समय में कैंसर की जटिल सर्जरी विभाग में उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही स्तन में गांठ का कैंसर, फेफड़े में गांठ, खाने की नली व पेट के कैंसर, पित्त की थैली, जिगर के कैंसर, पेशाब के रास्ते और किडनी के कैंसर, बच्चेदानी तथा अंडाणु के कैंसर का भी इलाज संभव हो सकेगा।
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रमाकांत यादव ने बताया कि कैंसर सर्जरी की ओपीडी अभी सप्ताह में दो दिन रखी गई है। मंगलवार और शुक्रवार को पुरानी ओपीडी बिल्डिंग के कमरा नंबर 64 में कैंसर सर्जरी विशेषज्ञ प्रवीन कुमार मैदीरत्ता मरीजों को देखेंगे।
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