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Etah News: हृदयाघात से महिला की मौत, मलेरिया और डेंगू के मिले दो मरीज
Fri, 17 Oct 2025 12:12 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 17 Oct 2025 12:12 AM IST
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मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में बच्चों को देखते चिकित्सक। संवाद
- फोटो : udhampur news
एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हृदयाघात से 50 वर्षीय महिला को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं मेडिकल कॉलेज में मलेरिया व डेंगू के दो मरीज मिले। इनको संचारी रोग वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सुबह करीब 8 बजे सुनीता (50) निवासी उपकार नगर को लाया गया। पति अमर सिंह ने बताया कि सुबह के वक्त सुनीता के सीने में अचानक तेज दर्द हुआ। तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए, यहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग वार्ड में भर्ती राघव (22) निवासी महादेवा ने बताया कि 4 दिन से बुखार आ रहा था। गांव में ही निजी क्लीनिक से दवा ली लेकिन कोई आराम नहीं मिला। बुधवार को मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए पहुंचे यहां पर चिकित्सक ने मलेरिया व डेंगू की जांच कराई, इसमें डेंगू की पुष्टि हुई। कुसमा देवी (40) निवासी गढ़वाला ने बताया कि 3 दिन से बुखार आ रहा था। गांव में ही दवा ली लेकिन कोई आराम नहीं मिला।
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बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में मरीज दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई। इसके बाद मलेरिया और डेंगू पीड़ित मरीजों को संचारी रोग वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मेडिसिन विभाग में करीब 650 मरीजों ने उपचार लिया। इसमें वायरल बुखार, सर्दी, खांसी और पेट दर्द की दवा लेने के लिए पहुंचे। चिकित्सकों ने गंभीर मरीजों की मलेरिया और डेंगू की जांच कराई।
मौसम बदलने से निमोनिया की चपेट में आ रहे बच्चे
एटा। मौसम में बदलाव के चलते छोटे बच्चे बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। एक साल तक के बच्चों में निमोनिया की शिकायतें मिल रही हैं। वहीं सर्दी, खांसी, जुकाम आदि से भी बच्चे ग्रसित हो रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में रोजाना 250 से अधिक की ओपीडी हो रही है। ज्यादातर बच्चे सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव का कहना है कि मौसम बदलने से बच्चे सर्दी, खांसी और वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। रोजाना 4 से 5 बच्चे निमोनिया से पीड़ित भी आ रहे हैं। बच्चा वार्ड में करीब 10 निमोनिया के बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों को सुबह और शाम हल्के गर्म कपड़े पहनाने चाहिए। बृहस्पतिवार को बच्चा वार्ड में करीब 30 बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा था।
ऐसे करें बचावः
- बुखार आने पर पानी की पट्टी सिर पर रखें।
- बच्चों को गर्म पानी और सूप पिलाएं।
- ठंडे पेय पदार्थ देने से बचें।
- बच्चे को भाप दें, जिससे नाक खुलने से राहत मिले।
- बच्चों को स्वस्थ और पौष्टिक आहार दें।
- गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।
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मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सुबह करीब 8 बजे सुनीता (50) निवासी उपकार नगर को लाया गया। पति अमर सिंह ने बताया कि सुबह के वक्त सुनीता के सीने में अचानक तेज दर्द हुआ। तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए, यहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
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वहीं मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग वार्ड में भर्ती राघव (22) निवासी महादेवा ने बताया कि 4 दिन से बुखार आ रहा था। गांव में ही निजी क्लीनिक से दवा ली लेकिन कोई आराम नहीं मिला। बुधवार को मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए पहुंचे यहां पर चिकित्सक ने मलेरिया व डेंगू की जांच कराई, इसमें डेंगू की पुष्टि हुई। कुसमा देवी (40) निवासी गढ़वाला ने बताया कि 3 दिन से बुखार आ रहा था। गांव में ही दवा ली लेकिन कोई आराम नहीं मिला।
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बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में मरीज दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई। इसके बाद मलेरिया और डेंगू पीड़ित मरीजों को संचारी रोग वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मेडिसिन विभाग में करीब 650 मरीजों ने उपचार लिया। इसमें वायरल बुखार, सर्दी, खांसी और पेट दर्द की दवा लेने के लिए पहुंचे। चिकित्सकों ने गंभीर मरीजों की मलेरिया और डेंगू की जांच कराई।
मौसम बदलने से निमोनिया की चपेट में आ रहे बच्चे
एटा। मौसम में बदलाव के चलते छोटे बच्चे बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। एक साल तक के बच्चों में निमोनिया की शिकायतें मिल रही हैं। वहीं सर्दी, खांसी, जुकाम आदि से भी बच्चे ग्रसित हो रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में रोजाना 250 से अधिक की ओपीडी हो रही है। ज्यादातर बच्चे सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव का कहना है कि मौसम बदलने से बच्चे सर्दी, खांसी और वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। रोजाना 4 से 5 बच्चे निमोनिया से पीड़ित भी आ रहे हैं। बच्चा वार्ड में करीब 10 निमोनिया के बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों को सुबह और शाम हल्के गर्म कपड़े पहनाने चाहिए। बृहस्पतिवार को बच्चा वार्ड में करीब 30 बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा था।
ऐसे करें बचावः
- बुखार आने पर पानी की पट्टी सिर पर रखें।
- बच्चों को गर्म पानी और सूप पिलाएं।
- ठंडे पेय पदार्थ देने से बचें।
- बच्चे को भाप दें, जिससे नाक खुलने से राहत मिले।
- बच्चों को स्वस्थ और पौष्टिक आहार दें।
- गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।

मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में बच्चों को देखते चिकित्सक। संवाद- फोटो : udhampur news