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सोमवार को मौसम ने खाया पलटा, सूर्य देव बादलों की ओट में छिपे, चलती रही शीतलहर
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सर्दी बढने से बाबूगंज बाजार में ग्राहको की भीड़ ।
- फोटो : ETAH
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एटा। सोमवार को मौसम ने एक बार फिर पलटा खाया। दिनभर बादलों में सूर्यदेव छिपे रहे, वहीं शीतलहर चलती रही। जबकि बाजारों में निकले लोग जाकेट, मफलर, टोपा और अन्य सर्दी के बचाव के इंतजाम के साथ निकले। वहीं सरकारी कार्यालयों में अधिकारी और कर्मचारी हीटरों के सहारे बैठकर काम निपटाते रहे। साथ ही शाम होते ही बाजारों में अलाव जल गए। अधिकतम तापमान बीस और न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सोमवार को सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए और लोगों को सर्द हवाओं ने घरों में कैद रखा। वहीं सुबह दुकान खोलने और कार्यालय को निकले लोग मफलर, टोपा, दस्ताने, जाकेट, गर्म शर्ट और पेंट पहनकर निकले। वहीं देहात से शहर आने वाले ग्रामीण कंबलों में लिपटे नजर आए। स्कूलों में शिक्षक और बच्चे ठिठुरते नजर आए।
किसान आंदोलन: नहीं आ पा रहे गर्म कपड़े
एटा। किसान आंदोलन के चलते गर्म कपड़ों का नया माल दिल्ली, पंजाब और ऊन लुधियाना आदि जिलों से नहीं आ पा रहा है। इसके कारण दुकानदार पुराने कपड़े या फिर आगरा और आसपास के बाजारों से खरीदकर लाए गर्म वस्त्र बेचने को मजबूर हैं। वहीं इन पर पांच से दस प्रतिशत तक दामों में इजाफा हुआ है।
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अधिकांश गर्म वस्त्रों का सामान दिल्ली, पंजाब आदि राज्यों से आता है। इनमें जाकेट, टोपा, मफलर, दस्ताने, इनर, शॉल, कार्डिगन, स्वेटर, मोजा आदि सामान शामिल रहता है। इस साल दिल्ली और पंजाब बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन के कारण गर्म कपड़ों का सामान नहीं आ पा रहा है। इससे दुकानों पर गर्म वस्त्रों की कमी के चलते लोगों को पसंदीदा वस्त्र नहीं मिल पा रहे हैं।
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सोमवार को सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए और लोगों को सर्द हवाओं ने घरों में कैद रखा। वहीं सुबह दुकान खोलने और कार्यालय को निकले लोग मफलर, टोपा, दस्ताने, जाकेट, गर्म शर्ट और पेंट पहनकर निकले। वहीं देहात से शहर आने वाले ग्रामीण कंबलों में लिपटे नजर आए। स्कूलों में शिक्षक और बच्चे ठिठुरते नजर आए।
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किसान आंदोलन: नहीं आ पा रहे गर्म कपड़े
एटा। किसान आंदोलन के चलते गर्म कपड़ों का नया माल दिल्ली, पंजाब और ऊन लुधियाना आदि जिलों से नहीं आ पा रहा है। इसके कारण दुकानदार पुराने कपड़े या फिर आगरा और आसपास के बाजारों से खरीदकर लाए गर्म वस्त्र बेचने को मजबूर हैं। वहीं इन पर पांच से दस प्रतिशत तक दामों में इजाफा हुआ है।
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अधिकांश गर्म वस्त्रों का सामान दिल्ली, पंजाब आदि राज्यों से आता है। इनमें जाकेट, टोपा, मफलर, दस्ताने, इनर, शॉल, कार्डिगन, स्वेटर, मोजा आदि सामान शामिल रहता है। इस साल दिल्ली और पंजाब बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन के कारण गर्म कपड़ों का सामान नहीं आ पा रहा है। इससे दुकानों पर गर्म वस्त्रों की कमी के चलते लोगों को पसंदीदा वस्त्र नहीं मिल पा रहे हैं।