{"_id":"609c016d8ebc3e374b1dbd8a","slug":"weather-rain-farmer-etah-news-agr491673962","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश होने से किसानों व शहरवासियों को मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश होने से किसानों व शहरवासियों को मिली राहत
विज्ञापन
एटा। बुधवार शाम और इससे पहले मंगलवार रात के समय हुई बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई। वहीं किसानों को भी फायदा हुआ है। खेतों की जुताई के लिए परवट में आसानी हो गई है।
मंगलवार रात के समय काफी देर तक हल्की बारिश होती रही। बुधवार को सुबह से धूप निकली और गर्मी भी बढ़ गई। शाम ढलते ही अचानक तेज हवाएं चलीं। इसके बाद बूंदाबांदी हो गई। इससे लोगों के चेहरे खुल उठे। किसान गेहूं की फसल काट चुका है। अब हरा चारा व सब्जी आदि बुवाई की तैयारी कर रहा है। ऐसे में खेत में की जा रही परवट का खर्चा बच गया है।
बारिश का फायदा उठाते हुए खेत की जुताई करना शुरू कर दिया है। इस बीच कुछ किसान जो देरी से गेहूं की फसल काट सके हैं, उनका गल्ला खेतों में पड़ा है। बारिश उनकी लिए चिंता का कारण है। उधर, शहर के लोग दिनभर की गर्मी के बाद शाम को खुशनुमा हुए मौसम का आनंद उठाने के लिए छत, बालकनी आदि खुले स्थानों पर पहुंच गए।
विज्ञापन
- बूंदाबांदी और हल्की बारिश से किसानों को लाभ मिलेगा। जो किसान हरे चारे की बुवाई करना चाहते हैं, वह इसका फायदा उठा सकते हैं। - त्रिबल सिंह, कृषि रक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
मंगलवार रात के समय काफी देर तक हल्की बारिश होती रही। बुधवार को सुबह से धूप निकली और गर्मी भी बढ़ गई। शाम ढलते ही अचानक तेज हवाएं चलीं। इसके बाद बूंदाबांदी हो गई। इससे लोगों के चेहरे खुल उठे। किसान गेहूं की फसल काट चुका है। अब हरा चारा व सब्जी आदि बुवाई की तैयारी कर रहा है। ऐसे में खेत में की जा रही परवट का खर्चा बच गया है।
विज्ञापन
बारिश का फायदा उठाते हुए खेत की जुताई करना शुरू कर दिया है। इस बीच कुछ किसान जो देरी से गेहूं की फसल काट सके हैं, उनका गल्ला खेतों में पड़ा है। बारिश उनकी लिए चिंता का कारण है। उधर, शहर के लोग दिनभर की गर्मी के बाद शाम को खुशनुमा हुए मौसम का आनंद उठाने के लिए छत, बालकनी आदि खुले स्थानों पर पहुंच गए।
विज्ञापन
- बूंदाबांदी और हल्की बारिश से किसानों को लाभ मिलेगा। जो किसान हरे चारे की बुवाई करना चाहते हैं, वह इसका फायदा उठा सकते हैं। - त्रिबल सिंह, कृषि रक्षा अधिकारी।