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नल से निकल रही छिपकली, पानी के लिए परेशान बच्चे
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पटियाली गेट स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में लगा नल। जिससे छिपकलियां निकलती हैं। - अमर उजाला
- फोटो : ETAH
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एटा। पटियाली गेट स्थित कन्या पूर्व माध्यमिक स्कूल में नल से छिपकलियां निकल रही हैं। छात्र-छात्राएं पानी के लिए परेशान हैं। प्रधानाध्यापक ने बीएसए को मामले से अवगत कराया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
पटियाली गेट स्थित एक परिसर में दो प्राथमिक और एक उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित होते हैं। तीनों स्कूल में 258 छात्र छात्राएं पढ़ते हैं। जुलाई माह में स्कूल खुलने के बाद मिड डे मील बनाने के लिए रसोइया नल से पानी लेने गई। इस दौरान नल पानी के साथ दो छिपकली निकलीं।
उन्होंने इसकी जानकारी प्रधानाध्यापक साजिद अली को दी, लेकिन रसोइया की बात पर किसी ने संज्ञान नहीं लिया। दूसरे दिन पानी के साथ फिर छिपकली निकली। प्रधानाध्यापक मौके पर पहुंचे और नल चलाया इसके बाद पानी में एक के बाद एक कुल आठ छिपकलियां निकलीं। उन्होंने नल की टोटी बंद कर दी और छिपकली निकलने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने डीएम को इसकी जानकारी दी। इस पर वहां मिड डे मील की टीम ने पहुंच कर निरीक्षण किया। टीम ने नल की टोटी को पॉलीथिन से बांधकर उस पर नजर रखने को कहा।
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पानी के लिए बाहर जाते बच्चे
स्कूल के छात्र छात्राएं पानी के लिए सड़क पर जाते हैं। इससे शिक्षकों में भय व्याप्त रहता है। वहीं शिक्षक रसोइया से पानी बाहर से भरकर बच्चों के लिए रखवाते हैं।
एक शिक्षक नल पर रखता नजर
परिसर में तीन स्कूल संचालित हैं। बच्चे पॉलीथिन खोलकर पानी न पी लें। इसके चलते नल पर नजर रखने के लिए पास में ही एक शिक्षक बैठा रहता है।
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पटियाली गेट स्थित एक परिसर में दो प्राथमिक और एक उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित होते हैं। तीनों स्कूल में 258 छात्र छात्राएं पढ़ते हैं। जुलाई माह में स्कूल खुलने के बाद मिड डे मील बनाने के लिए रसोइया नल से पानी लेने गई। इस दौरान नल पानी के साथ दो छिपकली निकलीं।
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उन्होंने इसकी जानकारी प्रधानाध्यापक साजिद अली को दी, लेकिन रसोइया की बात पर किसी ने संज्ञान नहीं लिया। दूसरे दिन पानी के साथ फिर छिपकली निकली। प्रधानाध्यापक मौके पर पहुंचे और नल चलाया इसके बाद पानी में एक के बाद एक कुल आठ छिपकलियां निकलीं। उन्होंने नल की टोटी बंद कर दी और छिपकली निकलने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने डीएम को इसकी जानकारी दी। इस पर वहां मिड डे मील की टीम ने पहुंच कर निरीक्षण किया। टीम ने नल की टोटी को पॉलीथिन से बांधकर उस पर नजर रखने को कहा।
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पानी के लिए बाहर जाते बच्चे
स्कूल के छात्र छात्राएं पानी के लिए सड़क पर जाते हैं। इससे शिक्षकों में भय व्याप्त रहता है। वहीं शिक्षक रसोइया से पानी बाहर से भरकर बच्चों के लिए रखवाते हैं।
एक शिक्षक नल पर रखता नजर
परिसर में तीन स्कूल संचालित हैं। बच्चे पॉलीथिन खोलकर पानी न पी लें। इसके चलते नल पर नजर रखने के लिए पास में ही एक शिक्षक बैठा रहता है।