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हाथ में वोटरकार्ड, फिर भी नहीं दे सके मतदान
Amar Ujala
Updated Sun, 12 Feb 2017 12:38 AM IST
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मतदाता सूची से नाम काटे जाने पर आक्रोश जताते मतदाता
- फोटो : Amar Ujala
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रेलवे रोड स्थित कन्या जूनियर हाईस्कूल बूथ पर वोट से वंचित लोगों ने विरोध जताकर हंगामा काटा। ऐसा ही आक्रोश और आक्रोश बेरनी, पटना, कोसम आदि दर्जनों गांव के उन सैकड़ों लोगों में रहा, जिनके नाम मतदाता सूची से गायब थे।
मतदान प्रतिशत बढ़ाने में जुटा जिला प्रशासन मतदाता पुनरीक्षण अभियान में फेल हो गया। रेलवे रोड स्थित बूथ पर मिले सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रामदास गुप्ता, पाराशर, वीरेंद्र पाठक आदि का कहना है कि वे लोग दशकों से लोकसभा, विधानसभा एवं पालिका चुनाव में वोटिंग कर रहे हैं। उनके पास पहचान पत्र भी है लेकिन इस बार उनका नाम सूची में नहीं है।
वहीं, जलेसर के बेरनी गांव में 2400 मतदाताओं में से 1400 मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं। कालीचरण, अरविंद ने बताया कि पंचायत चुनाव में 3800 मतदाता थे, लेकिन काट कर 2400 कर दिए, अब इनमे से 1400 के नाम फिर सूची से गायब हैं। इनमें से कई मतदातओं के पास मतदान पर्चियां थीं, तो कई के पास पहचान पत्र थे। यही नहीं कोसमा में 1600 में से 800, सकरोली में 100, नगला घनश्याम में 400, मुसियार में 200 और पटना में 100 मतदाताओं के नाम सूची से गायब हो गए। राजा का रामपुर के गढ़िया जगन्नाथपुर में सूची से 165 मतदाताओं के नाम गायब मिलने पर हंगामा हो गया। डीएम विजय किरन आनंद ने दूसरी मतदाता सूची उपलब्ध करा कर मतदान कराया। वहीं अलीगंज के नागला गढ़ा में करीब 90 मतदाताओं के पास मतदान पर्चियां थी, लेकिन उनके नाम मतदाता सूची से गायब थे। इन्हें हंगामा करने पर पुलिस ने डंडा फटकार कर खदेड़ दिया। गांव के बालकराम, राजेश और सुरेश आदि ने विरोधियों पर सूची बदलवाने का आरोप लगाया है।
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फर्जी निकली शिकायत
मारहरा में बूथ संख्या 52 पर एक वोटर की मतदान पर्ची में फोटो नहीं होने पर पोलिंग अफसरों ने आईडी प्रूफ मांगा। बताया जाता है कि उसने बूथ से बाहर निकल कर अफसरों पर भाजपा के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। आरओ संजीव कुमार ने मौके पर पहुंच कर जांच की आरोप फर्जी निकले।
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मतदान प्रतिशत बढ़ाने में जुटा जिला प्रशासन मतदाता पुनरीक्षण अभियान में फेल हो गया। रेलवे रोड स्थित बूथ पर मिले सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रामदास गुप्ता, पाराशर, वीरेंद्र पाठक आदि का कहना है कि वे लोग दशकों से लोकसभा, विधानसभा एवं पालिका चुनाव में वोटिंग कर रहे हैं। उनके पास पहचान पत्र भी है लेकिन इस बार उनका नाम सूची में नहीं है।
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वहीं, जलेसर के बेरनी गांव में 2400 मतदाताओं में से 1400 मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं। कालीचरण, अरविंद ने बताया कि पंचायत चुनाव में 3800 मतदाता थे, लेकिन काट कर 2400 कर दिए, अब इनमे से 1400 के नाम फिर सूची से गायब हैं। इनमें से कई मतदातओं के पास मतदान पर्चियां थीं, तो कई के पास पहचान पत्र थे। यही नहीं कोसमा में 1600 में से 800, सकरोली में 100, नगला घनश्याम में 400, मुसियार में 200 और पटना में 100 मतदाताओं के नाम सूची से गायब हो गए। राजा का रामपुर के गढ़िया जगन्नाथपुर में सूची से 165 मतदाताओं के नाम गायब मिलने पर हंगामा हो गया। डीएम विजय किरन आनंद ने दूसरी मतदाता सूची उपलब्ध करा कर मतदान कराया। वहीं अलीगंज के नागला गढ़ा में करीब 90 मतदाताओं के पास मतदान पर्चियां थी, लेकिन उनके नाम मतदाता सूची से गायब थे। इन्हें हंगामा करने पर पुलिस ने डंडा फटकार कर खदेड़ दिया। गांव के बालकराम, राजेश और सुरेश आदि ने विरोधियों पर सूची बदलवाने का आरोप लगाया है।
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फर्जी निकली शिकायत
मारहरा में बूथ संख्या 52 पर एक वोटर की मतदान पर्ची में फोटो नहीं होने पर पोलिंग अफसरों ने आईडी प्रूफ मांगा। बताया जाता है कि उसने बूथ से बाहर निकल कर अफसरों पर भाजपा के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। आरओ संजीव कुमार ने मौके पर पहुंच कर जांच की आरोप फर्जी निकले।