{"_id":"6aa5893289789e60d60592bc","slug":"training-under-the-nipun-bharat-mission-begins-at-brc-aliganj-etah-news-c-163-1-eta1013-156546-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: निपुण भारत मिशन के तहत बीआरसी अलीगंज में प्रशिक्षण शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: निपुण भारत मिशन के तहत बीआरसी अलीगंज में प्रशिक्षण शुरू
Sat, 12 Sep 2026 10:47 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 12 Sep 2026 10:47 PM IST
विज्ञापन
निपुण भारत मिशन के तहत बीआरसी अलीगंज में प्रशिक्षण लेते शिक्षक। संवाद
अलीगंज। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बीआरसी अलीगंज में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तृतीय बैच का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कायाकल्प प्रभारी सत्य प्रताप सिंह राठौड़ ने की। उन्होंने शिक्षकों को प्रशिक्षण के उद्देश्य और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पाठ्यपुस्तकों के आधार पर शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण एवं प्रभावी शिक्षण विधियों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर के बच्चों की बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करना है। सत्य प्रताप सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रशिक्षण में बताई जा रही गतिविधियों और शिक्षण विधियों को शिक्षक कक्षा-कक्ष में व्यवहारिक रूप से लागू करें। बच्चों की क्षमता के अनुसार शिक्षण को सरल और रुचिकर बनाने पर जोर दिया जाए। बीआरसी पर दो बैच संचालित हैं, जिनमें 50-50 शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण में बच्चों की सहभागिता बढ़ाने और सीखने के स्तर का आकलन करने के तरीके भी बताए जा रहे हैं। कार्यक्रम में सरिता पांडे, वेदराम, गोपाल प्रसाद कौशिक, ज्ञानेंद्र सिंह, योगेश कुमार सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पाठ्यपुस्तकों के आधार पर शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण एवं प्रभावी शिक्षण विधियों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर के बच्चों की बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करना है। सत्य प्रताप सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रशिक्षण में बताई जा रही गतिविधियों और शिक्षण विधियों को शिक्षक कक्षा-कक्ष में व्यवहारिक रूप से लागू करें। बच्चों की क्षमता के अनुसार शिक्षण को सरल और रुचिकर बनाने पर जोर दिया जाए। बीआरसी पर दो बैच संचालित हैं, जिनमें 50-50 शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण में बच्चों की सहभागिता बढ़ाने और सीखने के स्तर का आकलन करने के तरीके भी बताए जा रहे हैं। कार्यक्रम में सरिता पांडे, वेदराम, गोपाल प्रसाद कौशिक, ज्ञानेंद्र सिंह, योगेश कुमार सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन