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...इन्हें नहीं अनमोल जीवन की परवाह
Amar Ujala
Updated Sat, 21 Jan 2017 12:31 AM IST
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...इन्हें नहीं अनमोल जीवन की परवाह
- फोटो : Amar Ujala
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यातायात के साधन की कमी जिले की एक बड़ी समस्या है। इसके कारण जहां लोग डग्गेमार वाहनों में सफर को मजबूर हैं। वहीं जनप्रतिनिधियों, अफसरों की अनदेखी का फायदा उठाकर वाहन संचालक ऐसी मनमानी पर उतारू हैं, जो यात्रियों के लिए जानलेवा बनती रही है।
अमर उजाला ने शुक्रवार को 11 बजे से लेकर 12:15 बजे तक कासगंज-बरेली मार्ग पर पड़ताल की। इस दौरान अमांपुर तिराहे से सोरों की ओर जा रहे टेंपों में करीब 35 लोग सवार थे। टेंपो के सेफ्टी बंपर पर शीशे को पकड़े हुए एक छात्र भी सवार दिखा। वहीं मामो पर भी एक टाटा मैजिक और टेंपो में भी लोग लटके हुए थे। गोरहा के नजदीक एआरटीओ की गाड़ी लगी हुई थी। इसमें एआरटीओ आनंद निर्मल वाहनों की चेकिंग को बैठे थे। इसके बावजूद पांच मिनट के भीतर तीन वाहन सवारियों को लटकाए हुए निकल गए। पांच मिनट के अंदर ओवर लोडिंग वाहन पास हुए। दोपहर करीब 12 बजे एक स्कूल वाहन सोरों से कासगंज की ओर आता दिखा। स्कूल में छुट्टी के कारण इसमें भी सवारियां बैठी हुईं थी। वहीं टेंपो की छत पर सवार गोहरा के सुमित ने बताया कि वह एक घंटे से बस के इंतजार में थे, साधन नहीं मिला तो मजबूरी में टेंपो पर लटकना पड़ा। सोरों के हृदेश कुमार ने भी बताया कि वाहनों की किल्लत से जानलेवा सफर की मजबूरी है।
सिटी बस का संचालक हो सकता है विकल्प
वाहनों की समस्या दूर करने के लिए जिलाधिकारी के विजियेंद्र पांडियन एवं एसपी सुनील कुमार सिंह के सामने कासगंज से सोरों और कछला के बीच सिटी बसों के संचालन का सुझाव भी लोगों ने रखा। जिलाधिकारी ने इसे अच्छा प्रस्ताव बताया। कहा कि इच्छुक वाहन चालक उनसे संपर्क करके संचालन के लिए परिवहन निगम से अनुबंध करा सकते हैं।
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एआरटीओ आनंद निर्मल ने एटा के हादसे के बाद कासगंज-बरेली मार्ग पर चेकिंग की। इस दौरान तीन वाहनों को सीज किया है। जिसमें एक स्कूल वाहन भी शामिल रहा। वहीं एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि ओवरलोडिंग रोकने के लिए अभियान चलेगा।
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अमर उजाला ने शुक्रवार को 11 बजे से लेकर 12:15 बजे तक कासगंज-बरेली मार्ग पर पड़ताल की। इस दौरान अमांपुर तिराहे से सोरों की ओर जा रहे टेंपों में करीब 35 लोग सवार थे। टेंपो के सेफ्टी बंपर पर शीशे को पकड़े हुए एक छात्र भी सवार दिखा। वहीं मामो पर भी एक टाटा मैजिक और टेंपो में भी लोग लटके हुए थे। गोरहा के नजदीक एआरटीओ की गाड़ी लगी हुई थी। इसमें एआरटीओ आनंद निर्मल वाहनों की चेकिंग को बैठे थे। इसके बावजूद पांच मिनट के भीतर तीन वाहन सवारियों को लटकाए हुए निकल गए। पांच मिनट के अंदर ओवर लोडिंग वाहन पास हुए। दोपहर करीब 12 बजे एक स्कूल वाहन सोरों से कासगंज की ओर आता दिखा। स्कूल में छुट्टी के कारण इसमें भी सवारियां बैठी हुईं थी। वहीं टेंपो की छत पर सवार गोहरा के सुमित ने बताया कि वह एक घंटे से बस के इंतजार में थे, साधन नहीं मिला तो मजबूरी में टेंपो पर लटकना पड़ा। सोरों के हृदेश कुमार ने भी बताया कि वाहनों की किल्लत से जानलेवा सफर की मजबूरी है।
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सिटी बस का संचालक हो सकता है विकल्प
वाहनों की समस्या दूर करने के लिए जिलाधिकारी के विजियेंद्र पांडियन एवं एसपी सुनील कुमार सिंह के सामने कासगंज से सोरों और कछला के बीच सिटी बसों के संचालन का सुझाव भी लोगों ने रखा। जिलाधिकारी ने इसे अच्छा प्रस्ताव बताया। कहा कि इच्छुक वाहन चालक उनसे संपर्क करके संचालन के लिए परिवहन निगम से अनुबंध करा सकते हैं।
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एआरटीओ आनंद निर्मल ने एटा के हादसे के बाद कासगंज-बरेली मार्ग पर चेकिंग की। इस दौरान तीन वाहनों को सीज किया है। जिसमें एक स्कूल वाहन भी शामिल रहा। वहीं एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि ओवरलोडिंग रोकने के लिए अभियान चलेगा।