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पारंपरिक संगीत की ओर बढ़ रहा युवाओं का रुझान
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एटा। संगीत को लेकर युवाओं का रुझान बदल रहा है। फिल्मी संगीत से हटकर पारंपरिक संगीत और लोक गीत पसंद कर रहे हैं। रसिया और लांगुरिया जैसे लोकगीतों की भी लोकप्रियता बढ़ी है। जिले में सबसे अधिक रसिया, आला, भागवत और ढोला का चलन है। शहर में युवाओं का ध्यान फिल्मी संगीत की ओर अधिक है। हालांकि कुछ युवा ऐसे हैं जिन्हें शास्त्रीय संगीत सुनना और इसका अभ्यास अच्छा लगता है।
शास्त्रीय संगीत की संस्था हो गई बंद
जिले में एकमात्र आनंद संगीत समिति जो प्रयागराज संगीत समिति प्रयागराज से संबद्ध थी। यहां पर तबला वादन का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए छात्र आते थे लेकिन समिति के डायरेक्ट अनिल भटनागर का पिछले माह कोरोना संक्रमण से देहांत हो गया। इसके बाद से संस्थान बंद पड़ा है। उनकी पत्नी सुनीता भटनागर ने बताया कि अनिल भटनागर को संगीत विद्या का गहरा ज्ञान था।
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शास्त्रीय संगीत की संस्था हो गई बंद
जिले में एकमात्र आनंद संगीत समिति जो प्रयागराज संगीत समिति प्रयागराज से संबद्ध थी। यहां पर तबला वादन का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए छात्र आते थे लेकिन समिति के डायरेक्ट अनिल भटनागर का पिछले माह कोरोना संक्रमण से देहांत हो गया। इसके बाद से संस्थान बंद पड़ा है। उनकी पत्नी सुनीता भटनागर ने बताया कि अनिल भटनागर को संगीत विद्या का गहरा ज्ञान था।
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