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39 कर्मचारियों की बहाली में तत्कालीन डीपीआरओ दोषी करार

Mon, 20 Sep 2021 05:40 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 20 Sep 2021 05:40 PM IST
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The then DPRO convicted in the reinstatement of 39 employees
एटा। फर्जी तरीके से 39 कर्मचारियों की बहाली व स्थानांतरण के मामले में तत्कालीन डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी फंस गए हैं। तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने जांच पूरी कर उन्हें भ्रष्टाचार में लिप्त बताते हुए दोषी ठहराया है। यह रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई है, जो अब शासन को भेजी जाएगी। जिला पंचायतरी राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी का तबादला 17 जुलाई को जनपद मुरादाबाद में हुआ था, लेकिन विभागीय कामकाज को लेकर जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल ने उन्हें कार्यालय से रिलीव नहीं किया। तबादले के बाद भी वह 16 दिन यहां रहे।
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इस दौरान उन्होंने कुछ निलंबित सफाई कर्मियों को बहाल कर दिया और कुछ को एक ग्राम पंचायत से दूसरी में स्थानांतरित कर दिया। इस तरह के 39 सफाई कर्मचारियों को लेकर उन्होंने आदेश जारी किए। उनके मुरादाबाद जाने के बाद शिकायत हुई तो सीडीओ डॉ. अवधेश बाजपेयी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी। जिसमें डीडीओ एसएन कुशवाह, पीडी डीआरडीए निर्मल कुमार द्विवेदी और एडीपीआरओ मनोज कुमार को शामिल किया गया।
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जांच अधिकारी डीडीओ ने सोमवार को बताया कि जांच पूरी कर ली गई है। इसमें पाया गया कि तत्कालीन डीपीआरओ ने कर्मचारियों को 20 दिन पहले सस्पेंड किया और 25 दिन बाद बिना किसी रिपोर्ट के बहाल कर दिया। वहीं कई सफाई कर्मियों सहित कुछ ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण भी गलत तरीके से किए। यहां तक संबंधित कर्मचारियों की चरित्र प्रविष्टि भी एडीओ पंचायत की बिना राय के ही फर्जी बना दी गई।
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स्ट्रीट लाइट घोटाले के आरोपी सचिव को भी कर दिया था बहाल
तत्कालीन डीपीआरओ ने फर्जी रिपोर्ट बनाकर ग्राम पंचायत भगीपुर में स्ट्रीट लाइट घोटाले के आरोपित सचिव अवनीश उपाध्याय को बहाल कर दिया। जबकि घोटाले में गबन की गई धनराशि की रिकवरी भी नहीं कराई गई।
अवकाश वाले दिन भी जारी रही स्थानांतरण की प्रक्रिया
सफाई कर्मचारियों के स्थानांतरण और बहाली का सिलसिला अवकाश वाले दिन भी जारी रहा। एक सफाई कर्मचारी को 1 अगस्त को रविवार के दिन बहाल कर दिया। जिसका ब्योरा अभिलेखों में दर्ज मिला।

तत्कालीन डीपीआरओ की जांच आख्या जिलाधिकारी को दी गई है, जो शासन को भेजी जाएगी। जिसके बाद शासन द्वारा दंडात्मक कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। -डॉ. अवधेश कुमार बाजपेयी, सीडीओ
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