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Etah News: अमृतपुर में नहीं बरसा शिक्षा का अमृत, विद्यालय के भवन में बनाए जा रहे उपले
Wed, 18 Dec 2024 10:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 18 Dec 2024 10:51 PM IST
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गांव अमृतपुर में बना पूर्व माध्यमिक विद्यालय, जिसमें ताला पड़ा है। इसके पीछे जर्जर पुराना भवन।
- फोटो : संवाद
मुनिपाल सिंह चौहान
जैथरा। विकासखंड क्षेत्र के गांव अमृतपुर में 30 साल पहले विद्यालय भवन बना। कक्षाएं नहीं चल सकीं और जर्जर हो गया। दूसरा भवन बना दिया गया, इसमें भी आज तक शिक्षा का अमृत नहीं बरसा है। इसी गांव के नाम से दूसरे गांव में विद्यालय संचालित किया जा रहा है।
गांव में कोई भी विद्यालय संचालित नहीं था। अशिक्षा का अंधकार दूर करने के लिए करीब 30 साल पहले यहां विद्यालय भवन तैयार किया गया। हालांकि, विडंबना यह रही कि प्राथमिक विद्यालय न बनाकर पूर्व माध्यमिक विद्यालय यहां के लिए मंजूर किया गया। इस पर भी ग्रामवासी खुश थे कि गांव में ही बच्चे पढ़ सकेंगे। लेकिन पढ़ाई तो दूर, भवन पूरी तरह तैयार भी नहीं किया गया प्लास्टर आदि तक नहीं कराया गया।
ऐसे में यह खंडहर हो गया। इस नाम से स्वीकृत विद्यालय को नजदीकी गांव भवकरिया में संचालित करा दिया गया। करीब तीन साल पहले गांव अमृतपुर में दूसरा भवन बनाकर तैयार किया गया। गांव के लोगों को फिर उम्मीद जगी। लेकिन इसका संचालन भी अब तक नहीं हो सका है। गांव की जनसंख्या करीब तीन हजार है और करीब 500 बच्चे अध्ययनरकत हैं। जो गांव में विद्यालय न होने से प्रभावित हो रहे हैं। संवाद
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जैथरा। विकासखंड क्षेत्र के गांव अमृतपुर में 30 साल पहले विद्यालय भवन बना। कक्षाएं नहीं चल सकीं और जर्जर हो गया। दूसरा भवन बना दिया गया, इसमें भी आज तक शिक्षा का अमृत नहीं बरसा है। इसी गांव के नाम से दूसरे गांव में विद्यालय संचालित किया जा रहा है।
गांव में कोई भी विद्यालय संचालित नहीं था। अशिक्षा का अंधकार दूर करने के लिए करीब 30 साल पहले यहां विद्यालय भवन तैयार किया गया। हालांकि, विडंबना यह रही कि प्राथमिक विद्यालय न बनाकर पूर्व माध्यमिक विद्यालय यहां के लिए मंजूर किया गया। इस पर भी ग्रामवासी खुश थे कि गांव में ही बच्चे पढ़ सकेंगे। लेकिन पढ़ाई तो दूर, भवन पूरी तरह तैयार भी नहीं किया गया प्लास्टर आदि तक नहीं कराया गया।
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ऐसे में यह खंडहर हो गया। इस नाम से स्वीकृत विद्यालय को नजदीकी गांव भवकरिया में संचालित करा दिया गया। करीब तीन साल पहले गांव अमृतपुर में दूसरा भवन बनाकर तैयार किया गया। गांव के लोगों को फिर उम्मीद जगी। लेकिन इसका संचालन भी अब तक नहीं हो सका है। गांव की जनसंख्या करीब तीन हजार है और करीब 500 बच्चे अध्ययनरकत हैं। जो गांव में विद्यालय न होने से प्रभावित हो रहे हैं। संवाद
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