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स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ सकती है नगर पालिका की रैंकिंग
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निर्माण को अधूरा पड़ा एमआरएफ सेंटर ।
- फोटो : ETAH
एटा। नगर पालिका द्वारा मानपुर स्थित कांशीराम कॉलोनी के सामने कूड़ा कलेक्शन के लिए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। जहां कूड़े का निस्तारण कर खाद तैयार की जाएगी। काम अधूरा पड़ा है। जबकि पालिका की साफ-सफाई की हकीकत परखने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम पहुंच चुकी है। इससे इस साल भी नगर पालिका स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ती दिख रही है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में नगर पालिका ने प्रतिभाग किया है। नगर पालिका द्वारा साफ-सफाई से लेकर कूड़े के निस्तारण और उससे बनाई जाने वाली खाद की हकीकत पता करने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम क्वालिटी काउंसिलिंग ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) जिले में पहुंच चुकी है। इस साल भी नगर पालिका की कोई तैयारी नहीं है। नगर पालिका द्वारा बनाया जा रहा एमआरएफ सेंटर अधूरा पड़ा है। वहीं कार्यदायी संस्था जलनिगम द्वारा बनाया गया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी संचालित नहीं हो सका है। इससे नगर पालिका के अंकों पर काफी प्रभाव पड़ेगा।
1800 अंक हो सकते हैं कम
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) सुरजीत सिंह ने बताया कि नगर पालिका के इस साल भी स्वच्छता सर्वेक्षण में 1800 अंक कम हो सकते हैं, जिससे वह रैंक में पीछे खिसक सकती है। उन्होंने बताया कि इस साल नगर पालिका का एमआरएफ सेंटर तैयार नहीं है, जिसके 6 सौ अंक कटेंगे। वहीं 6 सौ अंक कूड़े को इकट्ठा कर खाद तैयार न करने के कटेंगे, साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित नहीं होने की वजह से 3 सौ अंक और डोर- टू- डोर कूड़ा कलेक्शन न होने के 3 सौ अंक कटेंगे। इस तरह कुल 1800 अंक से नगर पालिका रैंक में पीछे हो जाएगी।
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स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में नगर पालिका ने प्रतिभाग किया है। नगर पालिका द्वारा साफ-सफाई से लेकर कूड़े के निस्तारण और उससे बनाई जाने वाली खाद की हकीकत पता करने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम क्वालिटी काउंसिलिंग ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) जिले में पहुंच चुकी है। इस साल भी नगर पालिका की कोई तैयारी नहीं है। नगर पालिका द्वारा बनाया जा रहा एमआरएफ सेंटर अधूरा पड़ा है। वहीं कार्यदायी संस्था जलनिगम द्वारा बनाया गया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी संचालित नहीं हो सका है। इससे नगर पालिका के अंकों पर काफी प्रभाव पड़ेगा।
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1800 अंक हो सकते हैं कम
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) सुरजीत सिंह ने बताया कि नगर पालिका के इस साल भी स्वच्छता सर्वेक्षण में 1800 अंक कम हो सकते हैं, जिससे वह रैंक में पीछे खिसक सकती है। उन्होंने बताया कि इस साल नगर पालिका का एमआरएफ सेंटर तैयार नहीं है, जिसके 6 सौ अंक कटेंगे। वहीं 6 सौ अंक कूड़े को इकट्ठा कर खाद तैयार न करने के कटेंगे, साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित नहीं होने की वजह से 3 सौ अंक और डोर- टू- डोर कूड़ा कलेक्शन न होने के 3 सौ अंक कटेंगे। इस तरह कुल 1800 अंक से नगर पालिका रैंक में पीछे हो जाएगी।
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