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मौसम बदलते ही गर्म कपड़ों से गरमाया बाजार
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एटा/सकीट/अलीगंज। मौसम में अचानक आए बदलाव के बाद रुई और रजाई-गद्दों का बाजार गरमाने लगा है। जगह-जगह रुजाई-गद्दों में रुई भरने वाली मशीनें लग गईं हैं। यहां पहुंचने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
शहर के घंटाघर, हाथी गेट, बाबूगंज और गांधी मार्केट में कपड़ों की दुकान पर गर्म कपड़े बिकना शुरू हो गए हैं। जहां सुबह से रात तक खरीदारों की भीड़ नजर आ रही है। वहीं गांधी मार्केट में कुछ फड़ व्यापारी कंबल की दुकानें सजाकर सड़क किनारे बैठ गए हैं।सकीट में सर्दी से बचने और घरों में आने वाले मेहमानों को सुविधा देने के लिए लोग रजाई भरवाकर तैयार करा रहे हैं। कस्बा में जगह-जगह रजाई भरने वाली मशीनें लगाई गई हैं। अलीगंज कस्बा में भी कारीगरों ने सड़कों के किनारे मशीनें लगा दी हैं। मांग को देखते हुए कीमतों में खासी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
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रुई के कारोबार पर बढ़ी 30 फीसदी महंगाई:
कारोबारी हसन अली का कहना है कि इस बार नई रुई, रुई की धुनाई और सिलाई में पिछले साल की अपेक्षा दामों में करीब 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। रुई की दुकानों पर रजाई, गद्दों की भराई के काम में तेजी आ गई है।
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500 रुपये की भरी जा रही एक रजाई:
अलीगंज के बाजार में रुई 120 से लेकर 150 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। एक रजाई 500 रुपये में भरकर तैयार हो रही है। वहीं पुरानी रुई साफ कराने पर 20 रुपए प्रति किलो के हिसाब से पैसे लिए जा रहे हैं।
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शहर के घंटाघर, हाथी गेट, बाबूगंज और गांधी मार्केट में कपड़ों की दुकान पर गर्म कपड़े बिकना शुरू हो गए हैं। जहां सुबह से रात तक खरीदारों की भीड़ नजर आ रही है। वहीं गांधी मार्केट में कुछ फड़ व्यापारी कंबल की दुकानें सजाकर सड़क किनारे बैठ गए हैं।सकीट में सर्दी से बचने और घरों में आने वाले मेहमानों को सुविधा देने के लिए लोग रजाई भरवाकर तैयार करा रहे हैं। कस्बा में जगह-जगह रजाई भरने वाली मशीनें लगाई गई हैं। अलीगंज कस्बा में भी कारीगरों ने सड़कों के किनारे मशीनें लगा दी हैं। मांग को देखते हुए कीमतों में खासी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
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रुई के कारोबार पर बढ़ी 30 फीसदी महंगाई:
कारोबारी हसन अली का कहना है कि इस बार नई रुई, रुई की धुनाई और सिलाई में पिछले साल की अपेक्षा दामों में करीब 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। रुई की दुकानों पर रजाई, गद्दों की भराई के काम में तेजी आ गई है।
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500 रुपये की भरी जा रही एक रजाई:
अलीगंज के बाजार में रुई 120 से लेकर 150 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। एक रजाई 500 रुपये में भरकर तैयार हो रही है। वहीं पुरानी रुई साफ कराने पर 20 रुपए प्रति किलो के हिसाब से पैसे लिए जा रहे हैं।