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बारिश के साथ संक्रामक रोगों ने दी दस्तक
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Wed, 15 Jul 2015 11:26 PM IST
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बरसात के मौसम में जलभराव के बाद लगातार निकल रही चटक धूप से अब बीमारियों ने भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। संक्रामक रोग तेजी से फैल रहे हैं। इससे चिकित्सकों के यहां भी मरीजों की भीड़ लगने शुरू हो गई है। जिला अस्पताल में हर रोज 250 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं निजी चिकित्सकों के यहां भी मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।
पिछले दिनों हुई बारिश से जगह-जगह जलभराव की ऐसी स्थिति पैदा हो गई। निचले मोहल्लों एवं गांवों में कीचड़ एवं सिल्ट की मात्रा बढ़ गई। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। पिछले चार दिनों से लगातार निकल रही धूप ने उमस बढ़ा दी है। इससे संक्रामक बीमारियों ने भी दस्तक दे दी है। खांसी, जुकाम, तेज बुखार, सिर दर्द, मलेरिया का प्रकोप तेजी से फैलना शुरू हो गया है। इसके अलावा त्वचा संबंधित बीमारियों से भी लोग प्रभावित होने लगे हैं। इन बीमारियों का प्रकोप बढ़ने के साथ चिकित्सालयों में भी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में हर रोज 250 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों को लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। दवा लेने के लिए भी घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ती है। वहीं ग्रामीण आंचल में भी बीमारियों की दस्तक के साथ ही मरीज ग्रामीण चिकित्सक एवं निजी चिकित्सालयों में पहुंचना शुरू हो गए हैं।
बरसात के कारण बढ़ी मरीजों की संख्या
चिकित्सा अधीक्षक डा. कृष्ण अवतार ने बताया कि बारिश के बाद निकली धूप से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सभी बीमारियों के मरीजों के लिए अस्पताल में दवाओं के पर्याप्त इंतजाम हैं।
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जमा पानी को करें साफ
पिछले दिनों हुई बारिश से छतों पर रखे टायर, कनस्तर, बाल्टी सहित अन्य बर्तनों में पानी एकत्रित हो गया। वहीं निचले मोहल्लों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। ऐसे पानी का अधिक समय तक एक जगह एकत्रित होने से मच्छरों का खतरा बढ़ जाता है। मच्छरों से बीमारियां भी तेजी से फैलती हैं। इससे सुरक्षा के लिए आप समय-समय पर अपने पास जमा पानी को साफ करते रहें।
तीन महीने से बंद पड़ा नरदोली का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
पटियाली। तहसील पटियाली से 14 किमी दूर ग्राम नरदौली में तराई क्षेत्र के ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए बनाया गया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिछले तीन महीने से बंद हैं। मरीज स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचते हैं और ताला लटका देखकर मायूस होकर लौट जाते हैं। मरीजों को मजबूरन बाहर इलाज कराने के लिए जाना होता हैं।
बरसात के मौसम के साथ ही संक्रामक भी फैलने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार, डायरिया, उल्टी, दस्त आदि बीमारियों से मरीज ग्रसित हैं। खासकर बच्चे तथा बुजर्ग मरीजों की संख्या अधिक हैं। मरीजों को निजी चिकित्सकों के यहां महंगा इलाज कराने को मजबूर हैं।
ग्राम नरदोली के ग्राम प्रधान देवेंद्र सिंह यादव उर्फ पप्पू ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद होने के चलते गांवों में मरीजों को दिक्कतें हो रही है। रात में किसी की तबियत बिगडने पर उन्हें तत्काल कोई प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पता है। ग्रामीण सुनील कुमार ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से घास उग आई है। अब स्वास्थ्य केंद्र में मरीज नहीं जानवर विचरण करते देखे जा सकते हैं। ग्रामीण विष्णु सिंह, अवनीश गुप्ता, ललित मिश्रा, प्रवेश यादव, सुरेद्र पाठक, रामौतार सिंह ने मुख्य चिकित्साधिकारी से स्वास्थ्य केंद्र के शुरु कराए जाने की मांग की है।
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पिछले दिनों हुई बारिश से जगह-जगह जलभराव की ऐसी स्थिति पैदा हो गई। निचले मोहल्लों एवं गांवों में कीचड़ एवं सिल्ट की मात्रा बढ़ गई। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। पिछले चार दिनों से लगातार निकल रही धूप ने उमस बढ़ा दी है। इससे संक्रामक बीमारियों ने भी दस्तक दे दी है। खांसी, जुकाम, तेज बुखार, सिर दर्द, मलेरिया का प्रकोप तेजी से फैलना शुरू हो गया है। इसके अलावा त्वचा संबंधित बीमारियों से भी लोग प्रभावित होने लगे हैं। इन बीमारियों का प्रकोप बढ़ने के साथ चिकित्सालयों में भी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में हर रोज 250 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों को लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। दवा लेने के लिए भी घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ती है। वहीं ग्रामीण आंचल में भी बीमारियों की दस्तक के साथ ही मरीज ग्रामीण चिकित्सक एवं निजी चिकित्सालयों में पहुंचना शुरू हो गए हैं।
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बरसात के कारण बढ़ी मरीजों की संख्या
चिकित्सा अधीक्षक डा. कृष्ण अवतार ने बताया कि बारिश के बाद निकली धूप से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सभी बीमारियों के मरीजों के लिए अस्पताल में दवाओं के पर्याप्त इंतजाम हैं।
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जमा पानी को करें साफ
पिछले दिनों हुई बारिश से छतों पर रखे टायर, कनस्तर, बाल्टी सहित अन्य बर्तनों में पानी एकत्रित हो गया। वहीं निचले मोहल्लों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। ऐसे पानी का अधिक समय तक एक जगह एकत्रित होने से मच्छरों का खतरा बढ़ जाता है। मच्छरों से बीमारियां भी तेजी से फैलती हैं। इससे सुरक्षा के लिए आप समय-समय पर अपने पास जमा पानी को साफ करते रहें।
तीन महीने से बंद पड़ा नरदोली का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
पटियाली। तहसील पटियाली से 14 किमी दूर ग्राम नरदौली में तराई क्षेत्र के ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए बनाया गया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिछले तीन महीने से बंद हैं। मरीज स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचते हैं और ताला लटका देखकर मायूस होकर लौट जाते हैं। मरीजों को मजबूरन बाहर इलाज कराने के लिए जाना होता हैं।
बरसात के मौसम के साथ ही संक्रामक भी फैलने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार, डायरिया, उल्टी, दस्त आदि बीमारियों से मरीज ग्रसित हैं। खासकर बच्चे तथा बुजर्ग मरीजों की संख्या अधिक हैं। मरीजों को निजी चिकित्सकों के यहां महंगा इलाज कराने को मजबूर हैं।
ग्राम नरदोली के ग्राम प्रधान देवेंद्र सिंह यादव उर्फ पप्पू ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद होने के चलते गांवों में मरीजों को दिक्कतें हो रही है। रात में किसी की तबियत बिगडने पर उन्हें तत्काल कोई प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पता है। ग्रामीण सुनील कुमार ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से घास उग आई है। अब स्वास्थ्य केंद्र में मरीज नहीं जानवर विचरण करते देखे जा सकते हैं। ग्रामीण विष्णु सिंह, अवनीश गुप्ता, ललित मिश्रा, प्रवेश यादव, सुरेद्र पाठक, रामौतार सिंह ने मुख्य चिकित्साधिकारी से स्वास्थ्य केंद्र के शुरु कराए जाने की मांग की है।