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लजीज खाने का काला सच: किचन में मिले कॉकरोच और सड़े आलू
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देव रेस्टोरेंट एवं ढाबा की किचन में गंदगी और जांच करती खाद्य विभाग की टीम। स्रोत विभाग
देव रेस्तरां पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम का छापा, एक्सपायर्ड मसाले और जंग लगी टंकियों में गूंथा जा रहा था आटा
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। जरा सोचिए, रेस्तरां के जिस खाने को आप लजीज समझकर उंगलियां चाटते हैं, उसे तैयार करने की जगह कूड़ाघर जैसी है। वहां कॉकरोच घूमते हैं। सड़े हुए आलू और एक्सपायर्ड मसाले से यह तैयार किया जाता है। चौंकिए मत, यह सच है। देव रेस्तरां और ढाबे पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम के छापे में यही काली सच्चाई सामने आई है। टीम ने रेस्तरां बंद कर दिया है। दो नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विमल कुमार बुधवार को अचानक देव रेस्तरां एंड ढाबे पर पहुंचे। रसोईघर को देखकर वह चौंक गए। वहां गंदगी का अंबार था। सड़ा, गला, बचा हुआ खाना पास में नाली पर फेंका जा रहा था। डस्टबिन खुला हुआ था जिससे बदबू उठ रही थी। दीवारों पर गंदगी मिली। नाली में जाली नहीं थी। इसके बाहर कॉकरोच घूम रहे थे। इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि यह रात में खाद्य सामग्री तक पहुंचते होंगे। बड़ी मात्रा में आटा गूंथकर रखा गया था जिसकी प्लेट पर सूखी मोटी परत जमी थी। इसी आटे से रोटियां तैयार की जा रही थीं। आटा रखने के लिए इस्तेमाल की जा रही दो लोहे की टंकियों में जंग लगी थी। उबले हुए आलू रखे थे उनमें कुछ आलू सड़े हुए थे जिनसे बदबू उठ रही थी।
होटल में काम कर रहे कर्मचारी बिना मास्क, एप्रन और दस्तानों के खाद्य पदार्थ तैयार करते पाए गए। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री भी बरामद हुई। बर्गर तैयार करने के लिए रखे गए उत्पाद की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। बिरयानी मसाला समेत अन्य सामग्री की निर्धारित वैधता अवधि समाप्त होने के बाद भी उपयोग में लाई जा रही थी। खाद्य विभाग की कार्रवाई देख वहां खाना खाने पहुंचे तीन लोग उठकर चले गए। सहायक आयुक्त खाद्य विजय वर्मा ने बताया कि लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रेस्तरां को बंद करा दिया गया है।
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पहले भी फेल हो चुके हैं तीन नमूने
सहायक आयुक्त के अनुसार उक्त रेस्तरां के तीन नमूने पिछले साल फेल हुए थे। दरअसल एक कार्यशाला में रेस्तरां से खाना मंगाया गया था। वहां चावल मेंं कीड़ा निकलने पर इसकी शिकायत हुई। शिकायत के बाद चार नमूने यहां से भरे गए। सितंबर 2025 में इसकी रिपोर्ट आई जिसमें पनीर, चावल और बेसन का नमूना फेल हो गया। यह मामला एडीएम कार्यालय में विचाराधीन है।
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मीट का नमूना जांच के लिए भेजा
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एटा शहर में जामा मस्जिद के पीछे वारसी होटल का भी निरीक्षण किया। यह होटल बिना पंजीकरण के संचालित किया जा रहा था। यहां से मीट का नमूना जांच के लिए भेजा गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। जरा सोचिए, रेस्तरां के जिस खाने को आप लजीज समझकर उंगलियां चाटते हैं, उसे तैयार करने की जगह कूड़ाघर जैसी है। वहां कॉकरोच घूमते हैं। सड़े हुए आलू और एक्सपायर्ड मसाले से यह तैयार किया जाता है। चौंकिए मत, यह सच है। देव रेस्तरां और ढाबे पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम के छापे में यही काली सच्चाई सामने आई है। टीम ने रेस्तरां बंद कर दिया है। दो नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विमल कुमार बुधवार को अचानक देव रेस्तरां एंड ढाबे पर पहुंचे। रसोईघर को देखकर वह चौंक गए। वहां गंदगी का अंबार था। सड़ा, गला, बचा हुआ खाना पास में नाली पर फेंका जा रहा था। डस्टबिन खुला हुआ था जिससे बदबू उठ रही थी। दीवारों पर गंदगी मिली। नाली में जाली नहीं थी। इसके बाहर कॉकरोच घूम रहे थे। इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि यह रात में खाद्य सामग्री तक पहुंचते होंगे। बड़ी मात्रा में आटा गूंथकर रखा गया था जिसकी प्लेट पर सूखी मोटी परत जमी थी। इसी आटे से रोटियां तैयार की जा रही थीं। आटा रखने के लिए इस्तेमाल की जा रही दो लोहे की टंकियों में जंग लगी थी। उबले हुए आलू रखे थे उनमें कुछ आलू सड़े हुए थे जिनसे बदबू उठ रही थी।
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होटल में काम कर रहे कर्मचारी बिना मास्क, एप्रन और दस्तानों के खाद्य पदार्थ तैयार करते पाए गए। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री भी बरामद हुई। बर्गर तैयार करने के लिए रखे गए उत्पाद की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। बिरयानी मसाला समेत अन्य सामग्री की निर्धारित वैधता अवधि समाप्त होने के बाद भी उपयोग में लाई जा रही थी। खाद्य विभाग की कार्रवाई देख वहां खाना खाने पहुंचे तीन लोग उठकर चले गए। सहायक आयुक्त खाद्य विजय वर्मा ने बताया कि लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रेस्तरां को बंद करा दिया गया है।
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पहले भी फेल हो चुके हैं तीन नमूने
सहायक आयुक्त के अनुसार उक्त रेस्तरां के तीन नमूने पिछले साल फेल हुए थे। दरअसल एक कार्यशाला में रेस्तरां से खाना मंगाया गया था। वहां चावल मेंं कीड़ा निकलने पर इसकी शिकायत हुई। शिकायत के बाद चार नमूने यहां से भरे गए। सितंबर 2025 में इसकी रिपोर्ट आई जिसमें पनीर, चावल और बेसन का नमूना फेल हो गया। यह मामला एडीएम कार्यालय में विचाराधीन है।
मीट का नमूना जांच के लिए भेजा
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एटा शहर में जामा मस्जिद के पीछे वारसी होटल का भी निरीक्षण किया। यह होटल बिना पंजीकरण के संचालित किया जा रहा था। यहां से मीट का नमूना जांच के लिए भेजा गया है।