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चिकित्सक की लापरवाही से बालक हुआ दिव्यांग
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चिकित्सक की लापरवाही से बालक हुआ दिव्यांग
एटा। वली मोहम्मद चौराहा क्षेत्र में परिजन परिजन बालक को बुखार की दवाई दिलाने चिकित्सक के पास ले गए। आरोप है कि चिकित्सक ने बालक को गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसका एक पैर खराब हो गया। शनिवार को अदालत के आदेश पर आरोपी चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
शहर के वली मोहम्मद चौराहा स्थित पालीवाल गली निवासी रामकुमार दीक्षित ने बताया कि मई में उसके आठ वर्षीय बेटे गोपाल को बुखार आया था। 15 मई को वह मोहल्ला कैलाश गंज में क्लीनिक चला रहे डॉ. तेज सिह वर्मा के पास बच्चे को लेकर पहुंचे। यहां पर डॉ. वर्मा ने बच्चे को दवा दी और कूल्हे पर एक इंजेक्शन लगाया था। आरोप था कि इसके बाद से बच्चे का पैर सुन्न हो गया। कुछ दिन बाद पैर सुख गया। उन्होंने इसकी शिकायत चिकित्सक से की तो उसे शहर में किसी अच्छे चिकित्सक से इलाज कराने को कहा। चिकित्सक ने परिजनों को इलाज का पूरा खर्च भी देने का आश्वासन दिया। रामकुमार ने बताया कि आगरा में बच्चे का इलाज कराया तो कुछ आराम मिला। आरोप है कि तीन जुलाई को उन्होंने आरोपी चिकित्सक से इलाज में खर्च हुई रकम मांगी तो उसने इनकार कर दिया और धक्का-मुक्की कर धमकी दी। चिकित्सक के खिलाफ अदालत के आदेश पर चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
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एटा। वली मोहम्मद चौराहा क्षेत्र में परिजन परिजन बालक को बुखार की दवाई दिलाने चिकित्सक के पास ले गए। आरोप है कि चिकित्सक ने बालक को गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसका एक पैर खराब हो गया। शनिवार को अदालत के आदेश पर आरोपी चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
शहर के वली मोहम्मद चौराहा स्थित पालीवाल गली निवासी रामकुमार दीक्षित ने बताया कि मई में उसके आठ वर्षीय बेटे गोपाल को बुखार आया था। 15 मई को वह मोहल्ला कैलाश गंज में क्लीनिक चला रहे डॉ. तेज सिह वर्मा के पास बच्चे को लेकर पहुंचे। यहां पर डॉ. वर्मा ने बच्चे को दवा दी और कूल्हे पर एक इंजेक्शन लगाया था। आरोप था कि इसके बाद से बच्चे का पैर सुन्न हो गया। कुछ दिन बाद पैर सुख गया। उन्होंने इसकी शिकायत चिकित्सक से की तो उसे शहर में किसी अच्छे चिकित्सक से इलाज कराने को कहा। चिकित्सक ने परिजनों को इलाज का पूरा खर्च भी देने का आश्वासन दिया। रामकुमार ने बताया कि आगरा में बच्चे का इलाज कराया तो कुछ आराम मिला। आरोप है कि तीन जुलाई को उन्होंने आरोपी चिकित्सक से इलाज में खर्च हुई रकम मांगी तो उसने इनकार कर दिया और धक्का-मुक्की कर धमकी दी। चिकित्सक के खिलाफ अदालत के आदेश पर चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
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