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तीन शूटर समेत चार गिरफ्तार, दो आरोपी फरार
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Wed, 11 May 2016 11:07 PM IST
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मुफ्ती हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चर्चित मुुफ्ती मु. शहजाद हत्याकांड का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि शहर मुफ्ती की हत्या मदरसे के विवाद को लेकर की गई थी। पुलिस ने तीन शूटर समेत चार आरोपियों को अलीगंज तिराहे से गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से बाइक, पैंतीस हजार रुपये, नाजायज असलाह बरामद किया। जबकि हत्याकांड के मास्टरमाइंड समेत दो आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने प्रेसवार्ता में बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम संतोष यादव उर्फ अजय, मनोज यादव पुत्र अनोखेलाल निवासी जरीनपुर भुरका सिकंद्राराऊ हाथरस हाल पता मोहल्ला कटरा, विपिन यादव निवासी नगला मदिया कोतवाली देहात तथा शाहबाज खान उर्फ सनी निवासी मालगोदाम मारहरा गेट बताया है। घटना के दौरान संतोष लूटी हुई बाइक चला रहा था, विपिन, मनोज ने मुफ्ती को गोली मारी थी। बताया कि साबिर तथा मुफ्ती के बीच मदरसे को लेकर विवाद चल रहा था। साबिर ने मुफ्ती की हत्या को लेकर शाहबाज खान से बात की थी। शाहबाज ने चार लाख रुपये में बात तय कर दी, जिसमें दो लाख रुपये मिल गए थे। शेष रकम बाद में देने की बात कही गई थी। साथ ही साबिर ने यह भी भरोसा दिलाया कि उसका नाम नहीं लेने पर चार लाख के अलावा और भी रुपये दिए जाएंगे। ज्ञात रहे कि दो अप्रैल को शहर मुफ्ती मु. शहजाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया था।
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एटा। एसएसपी ने बताया कि आरोपी शाहबाज जूते का काम करता है। इससे पूर्व वह बेकरी का काम करता था। कारोबार में घाटा होने पर शाहबाज ने साबिर से मुलाकात की। साबिर ने शाहबाज को सारे मामले की जानकारी दी। इसके बाद शाहबाज ने अन्य आरोपी संतोष, मनोज, विपिन से बात की और हत्या सुपारी दे दी। घटना के दौरान शाहबाज पल-पल की जानकारी दे रहा था।
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एटा। मुफ्ती हत्याकांड का पुलिस ने बेशक खुलासा कर दिया हो, लेकिन इस खुलासे में कई झोल नजर आ रहे है। लोगों का कहना था कि घटना के दौरान मृतक के परिवारीजनों ने नामजद आरोपी बताए थे, लेकिन पुलिस खुलासे में तीन शूटराें के नाम आए हैं और जिसके खिलाफ एफआईआर हुई थी, उसके समर्थन में काफी मुसलमान बचाव में आए थे। खुलासे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं।
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एटा। एसएसपी ने बताया कि संतोष और मनोज सगे भाई है, जबकि विपिन इनकी मौसी का लड़का है। सुपारी मिलने के बाद संतोष ने विपिन से संपर्क किया, जिसके बाद विपिन भी इनके साथ हो लिया। घटना को तीनों ने मिलकर अंजाम दिया।
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एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने प्रेसवार्ता में बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम संतोष यादव उर्फ अजय, मनोज यादव पुत्र अनोखेलाल निवासी जरीनपुर भुरका सिकंद्राराऊ हाथरस हाल पता मोहल्ला कटरा, विपिन यादव निवासी नगला मदिया कोतवाली देहात तथा शाहबाज खान उर्फ सनी निवासी मालगोदाम मारहरा गेट बताया है। घटना के दौरान संतोष लूटी हुई बाइक चला रहा था, विपिन, मनोज ने मुफ्ती को गोली मारी थी। बताया कि साबिर तथा मुफ्ती के बीच मदरसे को लेकर विवाद चल रहा था। साबिर ने मुफ्ती की हत्या को लेकर शाहबाज खान से बात की थी। शाहबाज ने चार लाख रुपये में बात तय कर दी, जिसमें दो लाख रुपये मिल गए थे। शेष रकम बाद में देने की बात कही गई थी। साथ ही साबिर ने यह भी भरोसा दिलाया कि उसका नाम नहीं लेने पर चार लाख के अलावा और भी रुपये दिए जाएंगे। ज्ञात रहे कि दो अप्रैल को शहर मुफ्ती मु. शहजाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया था।
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एटा। एसएसपी ने बताया कि आरोपी शाहबाज जूते का काम करता है। इससे पूर्व वह बेकरी का काम करता था। कारोबार में घाटा होने पर शाहबाज ने साबिर से मुलाकात की। साबिर ने शाहबाज को सारे मामले की जानकारी दी। इसके बाद शाहबाज ने अन्य आरोपी संतोष, मनोज, विपिन से बात की और हत्या सुपारी दे दी। घटना के दौरान शाहबाज पल-पल की जानकारी दे रहा था।
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एटा। मुफ्ती हत्याकांड का पुलिस ने बेशक खुलासा कर दिया हो, लेकिन इस खुलासे में कई झोल नजर आ रहे है। लोगों का कहना था कि घटना के दौरान मृतक के परिवारीजनों ने नामजद आरोपी बताए थे, लेकिन पुलिस खुलासे में तीन शूटराें के नाम आए हैं और जिसके खिलाफ एफआईआर हुई थी, उसके समर्थन में काफी मुसलमान बचाव में आए थे। खुलासे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं।
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एटा। एसएसपी ने बताया कि संतोष और मनोज सगे भाई है, जबकि विपिन इनकी मौसी का लड़का है। सुपारी मिलने के बाद संतोष ने विपिन से संपर्क किया, जिसके बाद विपिन भी इनके साथ हो लिया। घटना को तीनों ने मिलकर अंजाम दिया।