{"_id":"6187c8ebf0f38b614a06649c","slug":"suffocating-due-to-smog-the-problem-of-respiratory-patients-increased-etah-news-agr5138778181","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मॉग से घुट रहा दम, सांस रोगियों की समस्या बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मॉग से घुट रहा दम, सांस रोगियों की समस्या बढ़ी
विज्ञापन
सुबह के समय शहर के जीटी रोड पर छाया स्मॉग ।संवाद
- फोटो : ETAH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। दिवाली के बाद जहां प्रदूषण बढ़ा तो तापमान में भी गिरावट आई है। धुआं और कुहासे के मिश्रण के रूप में बने स्मॉग के चलते लोगों का दम घुट रहा है। सांस रोगियों की समस्या ज्यादा बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हर दिन आठ-दस सांस रोगी गंभीर हालत में पहुंच रहे हैं। रविवार का सुबह 7 बजे तक सूर्यदेव नजर नहीं आए। इसके बाद भी वातावरण में स्मॉग के असर के चलते धूप काफी हल्की रही। सांस लेने में समस्या के अलावा कई लोगों को आंखों में जलन भी महसूस हुई।
क्या है स्मॉग
स्मॉक और फॉग शब्दों को मिलाकर स्मॉग बनाया गया है। आमतौर पर जब ठंडी हवा किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर पहुंचती है तब स्मॉग बनता है। ठंडी हवा भारी होती है जो रिहायशी इलाके की गर्म हवा के नीचे एक परत बना लेती है।
पराली और कूड़ा दहन भी वजह
पटाखे ही नहीं, पराली और कूड़ा दहन भी स्मॉग की वजह है। इन दिनों खेतों में धान की कटाई के बाद बचे हिस्से को किसान जला रहे हैं। इसके अलावा शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा भी बेरोक-टोक जलाया जा रहा है।
विज्ञापन
स्मॉग से होने वाली समस्याएं
खांसी, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, ब्रॉन्काइटिस, दिल की बीमारी, त्वचा संबंधी बीमारियां, नाक, कान, गला, फेफड़ों में संक्रमण, रक्तचाप के मरीजों को ब्रेन स्ट्रोक और दमा रोगियों को अटैक का खतरा।
बोले चिकित्सक
प्रदूषण के कारण सांस रोगी बढ़ रहे हैं। ऐसे मरीज सुबह के समय घूमने बाहर न निकलें। दिन में भी बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें। प्रदूषण को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, तापमान गिरने पर स्मॉग का असर और ज्यादा हो सकता है। - डॉ. एस. चंद्रा, वरिष्ठ फिजीशियन मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
क्या है स्मॉग
स्मॉक और फॉग शब्दों को मिलाकर स्मॉग बनाया गया है। आमतौर पर जब ठंडी हवा किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर पहुंचती है तब स्मॉग बनता है। ठंडी हवा भारी होती है जो रिहायशी इलाके की गर्म हवा के नीचे एक परत बना लेती है।
विज्ञापन
पराली और कूड़ा दहन भी वजह
पटाखे ही नहीं, पराली और कूड़ा दहन भी स्मॉग की वजह है। इन दिनों खेतों में धान की कटाई के बाद बचे हिस्से को किसान जला रहे हैं। इसके अलावा शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा भी बेरोक-टोक जलाया जा रहा है।
विज्ञापन
स्मॉग से होने वाली समस्याएं
खांसी, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, ब्रॉन्काइटिस, दिल की बीमारी, त्वचा संबंधी बीमारियां, नाक, कान, गला, फेफड़ों में संक्रमण, रक्तचाप के मरीजों को ब्रेन स्ट्रोक और दमा रोगियों को अटैक का खतरा।
बोले चिकित्सक
प्रदूषण के कारण सांस रोगी बढ़ रहे हैं। ऐसे मरीज सुबह के समय घूमने बाहर न निकलें। दिन में भी बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें। प्रदूषण को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, तापमान गिरने पर स्मॉग का असर और ज्यादा हो सकता है। - डॉ. एस. चंद्रा, वरिष्ठ फिजीशियन मेडिकल कॉलेज