फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   Students trapped in Deniper reaching the borders of nearby countries

नजदीकी देशों की सीमाओं पर पहुंच रहे डेनिपर में फंसे छात्र

Tue, 01 Mar 2022 12:03 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 01 Mar 2022 12:03 AM IST
विज्ञापन
Students trapped in Deniper reaching the borders of nearby countries
बस के जरिए अपने साथियों संग डेनिपर से रोमानिया बॉर्डर के लिए जाते अर्पित शाक्य। संवाद - फोटो : ETAH
एटा। यूक्रेन के कीव और ओडेसा में फंसे छात्र तो पहले ही परेशान थे। वहीं अब तक सुरक्षित माने जा रहे डेनिपर में भी खतरा बढ़ गया है। वहां फंसे छात्रों को रविवार रात हॉस्टल से बंकरों में भेज दिया गया। सुबह होते ही छात्रों ने शहर छोड़ना शुरू कर दिया। बस, कैव आदि किराए पर करके नजदीकी देशों की सीमाओं पर पहुंचना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन

डेनिपर में फंसे यहां के आवास विकास कॉलोनी निवासी अर्पित शाक्य ने बताया कि चार-पांच दिन अन्य शहरों के मुकाबले डेनिपर में हालात सही थे, लेकिन रविवार रात यहां भी सायरन बज गया। आसपास बम धमाके सुनाई दिए। जिसके बाद सभी को पास के बंकरों में जाने की चेतावनी दे दी गई। हम लोगों ने जागकर डरे-सहमे हुए रात काटी। सुबह सभी साथियों ने मिलकर भाड़े पर एक बस का इंतजाम किया। जिसके माध्यम से रोमानिया बॉर्डर के लिए निकले हैं।
विज्ञापन

अभी यह नहीं पता कि रोमानिया में प्रवेश कब तक मिलेगा और वहां पर फ्लाइट की क्या स्थिति है? निधौलीकलां रोड निवासी अभिषेक शाक्य भी डेनिपर में हैं। बताया कि रविवार रात बंकर में काटी है। सोमवार को बस के लिए कई बुकिंग एजेंसियों को कॉल किए। बमुश्किल एक बस मंगलवार के लिए मिल सकी। रोमानिया बॉर्डर पर छोड़ने के लिए प्रति व्यक्ति 15 हजार रुपये किराया लिया गया है। यह बॉर्डर यहां से करीब 1200 किमी दूर है। शांतिनगर निवासी आनंद सिंह ने बताया कि अब हालात बिगड़ने लगे हैं। रात में एक बंकर में भेज दिया गया था। यहां करीब 400 छात्र-छात्राएं थे। जगह काफी कम थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से बिस्तर और पानी उपब्ध करा दिया गया। खाने-पीने का जो सामान अपने पास था, ले गए। सुबह के समय हॉस्टल में आ गए। कहा गया है कि बस, कैब के जरिए किसी नजदीकी देश के बॉर्डर पर चले जाएं। जिसकी व्यवस्था कर रहे हैं। शहर के जेल रोड निवासी डॉ. गंगा सिंह कुशवाह ने बताया कि बेटा अभिषेक कुशवाह यूक्रेन के डेनिपर में एक किराये के फ्लैट में रहता है। रविवार रात उसे भी यूनिवर्सिटी के पास बने बंकर में भेज दिया गया। सुबह के लिए बस की बुकिंग हुई है। अभी यह तय नहीं है कि हंगरी, पोलैंड या रोमानिया में से किस बॉर्डर पर भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed