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Etah News: अधिवक्ताओं का जोरदार विरोध, रजिस्ट्री-स्टांप बिक्री रुकवाई
Tue, 25 Feb 2025 11:59 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 25 Feb 2025 11:59 PM IST
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कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते अधिवक्ता।
- फोटो : कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते अधिवक्ता।
एटा। अधिवक्ता अधिनियम में संशोधन सहित अन्य मुद्दों पर वकीलों ने मंगलवार को जोरदार विरोध किया। जिला मुख्यालय सहित तीनों तहसीलों में कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया। रजिस्ट्री-बैनामे रुकवा दिए और स्टांप की भी बिक्री नहीं होने दी।
जिला मुख्यालय स्थित कचहरी पर कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन में वकीलों ने बैठक की। इसके बाद एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश को सौंपा। कहा कि एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 को तुरंत वापस लिया जाए। नियम बनाने का पूर्व में जो प्रावधान एडवोकेट एक्ट में था, उसी प्रकार रखा जाए। केंद्र सरकार द्वारा रेगुलेशन बनाने की जो बातें कही गई हैं, उसे तुरंत समाप्त किया जाए।
यह भी मांग रखी कि अधिवक्ता व उनके परिवार के लिए अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम का प्रावधान किया जाए। परिषदों में निर्वाचित सदस्यों के अलावा कोई समाहित न किया जए। परिषदों के सदस्यों या अस्तित्व पर सुझाए गए संशोधन को तुरंत वापस लिया जाए। 10 लाख का मेडिक्लेम व मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान की जाए। बार सचिव रोहित पुंढीर, एमपी सिंह, अमित जौहरी, रमाकांत सक्सेना आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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जिला मुख्यालय स्थित कचहरी पर कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन में वकीलों ने बैठक की। इसके बाद एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश को सौंपा। कहा कि एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 को तुरंत वापस लिया जाए। नियम बनाने का पूर्व में जो प्रावधान एडवोकेट एक्ट में था, उसी प्रकार रखा जाए। केंद्र सरकार द्वारा रेगुलेशन बनाने की जो बातें कही गई हैं, उसे तुरंत समाप्त किया जाए।
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यह भी मांग रखी कि अधिवक्ता व उनके परिवार के लिए अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम का प्रावधान किया जाए। परिषदों में निर्वाचित सदस्यों के अलावा कोई समाहित न किया जए। परिषदों के सदस्यों या अस्तित्व पर सुझाए गए संशोधन को तुरंत वापस लिया जाए। 10 लाख का मेडिक्लेम व मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान की जाए। बार सचिव रोहित पुंढीर, एमपी सिंह, अमित जौहरी, रमाकांत सक्सेना आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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