{"_id":"fb2011d63fc225c9dc7ce14dd9cd3f99","slug":"smugglers-grabing-birds-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिड़ियों को पकड़ रहे तस्कर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिड़ियों को पकड़ रहे तस्कर
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sat, 11 Jul 2015 11:26 PM IST
विज्ञापन
तहसील के दरियावगंज इलाके की दरियावगंज झील पर चिड़ियों और पक्षियों का कोलाहल कहीं थम न जाए। इन दिनों झील इलाके में पाई जाने वली लाल चिड़िया पर शिकारियों की नजर लगी है। बड़ी संख्या में शिकारी इन चिड़ियों को जाल में फंसा कर पिजड़ों में पकड़ कर ले जा रहे हैं। बाहरी लोगों के अलावा कुछ क्षेत्रीय लोग भी इसमें शामिल हैं। वन विभाग के अधिकारी पक्षियों के संरक्षण को लेकर उदासीनता बरत रहे हैं।
दरियावगंज की झील न केवल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है बल्कि देशी विदेश पक्षी बड़ी संख्या में यहां विचरण करते हैं। इनका आसपास के जंगल में बसेरा रहता है। सर्दी के मौसम में साइबेरियन क्रेन भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनती है। इस झील पर विभिन्न प्रजातियों की चिड़िया और पक्षी आकर्षण का केंद्र रहते हैं। यहां तस्कर झील के इलाके में जाल डाल कर चिड़ियों को पकड़ते हैं और पिजड़ों में कैद करके ले जाते हैं।
पक्षी प्रेमी खालिद का कहना है कि वन विभाग चिड़ियों की तस्करी को लेकर मौन हैं। उन्होंने जिला प्रशासन ने तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चमन ने बताया कि झील से लाल चिड़िया की तस्करी करके शिकारी ऊंची कीमत पर इन्हें महानगरों में बेचते हैं।
विज्ञापन
इस संबंध में अपर जिलाधिकारी बीएम मिश्र का कहना है कि उन्हें चिड़ियों की तस्करी की जानकारी नहीं है। उनके संज्ञान में यह बात आई है। वे वन विभाग के अधिकारियों को शिकार रोकने एवं चौकसी बरतने के निर्देश देंगे।
विज्ञापन
दरियावगंज की झील न केवल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है बल्कि देशी विदेश पक्षी बड़ी संख्या में यहां विचरण करते हैं। इनका आसपास के जंगल में बसेरा रहता है। सर्दी के मौसम में साइबेरियन क्रेन भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनती है। इस झील पर विभिन्न प्रजातियों की चिड़िया और पक्षी आकर्षण का केंद्र रहते हैं। यहां तस्कर झील के इलाके में जाल डाल कर चिड़ियों को पकड़ते हैं और पिजड़ों में कैद करके ले जाते हैं।
विज्ञापन
पक्षी प्रेमी खालिद का कहना है कि वन विभाग चिड़ियों की तस्करी को लेकर मौन हैं। उन्होंने जिला प्रशासन ने तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चमन ने बताया कि झील से लाल चिड़िया की तस्करी करके शिकारी ऊंची कीमत पर इन्हें महानगरों में बेचते हैं।
विज्ञापन
इस संबंध में अपर जिलाधिकारी बीएम मिश्र का कहना है कि उन्हें चिड़ियों की तस्करी की जानकारी नहीं है। उनके संज्ञान में यह बात आई है। वे वन विभाग के अधिकारियों को शिकार रोकने एवं चौकसी बरतने के निर्देश देंगे।