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Etah News: जमानत के बाद दोबारा गिरफ्तारी पर थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मी तलब

Tue, 01 Sep 2026 11:01 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Tue, 01 Sep 2026 11:01 PM IST
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Seven police personnel, including the Station House Officer (SHO), summoned following re-arrest after bail.
कोर्ट ने निधौलीकलां पुलिस से मांगा स्पष्टीकरण
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संवाद न्यूज एजेंसी

एटा। निधौलीकलां थाना पुलिस पर जमानत पर रिहा किए गए आरोपी को उसी मामले में दोबारा गिरफ्तार करने का आरोप लगा है। मामले में न्यायालय ने थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मियों को स्पष्टीकरण और संबंधित केस डायरी के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। सभी को एक सितंबर को दोपहर एक बजे न्यायालय में तलब किया गया।

मामला निधौली कलां थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने चार अगस्त को सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया और 11 अगस्त को उसे जमानत मिल गई। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने 29 अगस्त को उसे दोबारा गिरफ्तार कर उसके पास से तमंचा बरामद करने का दावा किया। अगले दिन उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। तब से वह न्यायिक हिरासत में है। आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने न्यायालय में दलील दी कि जमानत देने वाले न्यायालय की अनुमति के बिना उसे उसी मामले में दोबारा गिरफ्तार किया गया। इस दौरान सर्वोच्च न्यायालय के नौ फरवरी, 2026 के सुमित बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में दिए गए फैसले का हवाला दिया गया। दलील दी गई कि जमानत के बाद नए अपराध जुड़ने की स्थिति में भी जांच एजेंसी आरोपी को स्वत: दोबारा गिरफ्तार नहीं कर सकती और इसके लिए मूल जमानत देने वाले न्यायालय से आवश्यक अनुमति लेनी होती है। न्यायालय ने अभिलेखों की समीक्षा के बाद थाना प्रभारी निधौलीकलां आदित्य खोखर, एसआई विजय सिंह, एसआई सुखवीर सिंह, कांस्टेबल राजकुमार, कांस्टेबल निपेंद्र, कांस्टेबल पुनीत और कांस्टेबल प्रिंस तेवतिया से स्पष्टीकरण मांगा है। आदेश में पुलिस की कार्रवाई को प्रथम दृष्टया सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के विपरीत बताया गया है। साथ ही पूछा गया है कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के लिए मामला उच्च न्यायालय को क्यों न भेजा जाए।
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