{"_id":"583731df4f1c1bcb4913cb7b","slug":"save-10-per-trade-business-concern","type":"story","status":"publish","title_hn":"10 फीसदी बचा व्यापार, चिंता में कारोबारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
10 फीसदी बचा व्यापार, चिंता में कारोबारी
Amar Ujala
Updated Fri, 25 Nov 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
10 फीसदी बचा व्यापार, चिंता में कारोबारी
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोट बंदी के बाद से बाजार का हाल ठीक नहीं है। इसको देखकर व्यापारियों को कारोबार की चिंता सता रही है। जो व्यापार आठ नवंबर से पहले 80-90 फीसदी के स्तर पर था, अब वह महज 10 फीसदी रह गया है।
घंटाघर पर गुरुवार को जिले के व्यापारियों की सभा हुई। इसमें उन्होंने नोट बंदी के बाद आ रही दिक्कतों, बाजार के हाल, लोगों की समस्याओं और केंद्र सरकार के फैसले को लेकर चर्चा की। सभा में व्यापारियों ने केंद्र सरकार से जनता को राहत देने की मांग की। इस दौरान सराफा, कपड़ा, स्टेशनरी, बूरा-बताशा, पेंट्स, इलेक्ट्रोनिक्स, पटाखा, सीमेंट, सब्जी-फल, नेस्ले वितरक, हौजरी, पान समेत तमाम व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों ने सरकार के फैसले पर रायशुमारी की।
केंद्र सरकार फैसले को लेकर प्रतिक्रियाओं के बीच व्यापारियों का मूक समर्थन नजर आया। व्यापारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने का भी एलान किया। अमित चौहान, व्यापार मंडल के युवा जिलाध्यक्ष अतुल राठी, नगर अध्यक्ष डेविड जैन, दीपक वार्ष्णेय, कैलाश जैन, रजनीश जैन, अनवार हुसैन, लियाकत अली, ललित चौहान, दीपक चौहान, सुनील कुमार, आदेश गुप्ता, नलिन जैन, पंकज जैन, जितेंद्र जैन, गणेश वार्ष्णेय, संजीव वार्ष्णेय, संजीव जादौन, राघवेंद्र सिंह, अनुराग वर्मा आदि रहे।
विज्ञापन
पान के थोक व्यापारी अनवार हुसैन ने कहा कि नोट बंदी के व्यापार करना आसान नहीं रह गया है। पहले जहां प्रतिदिन थोक में दो से तीन हजार रुपये की दुकानदारी होती थी, अब 500 रुपये भी नहीं हो पा रहे।
हौजरी व्यवसायी रजनीश जैन का कहना है कि हमारे यहां माल गंजडुंडवारा और इटावा से आता है। छोटे उद्योग के कारीगर अब खुले रुपये मांगते हैं। बाजार में खुले रुपयों की किल्लत है। ऐेसे में व्यापार करना बहुत मुश्किल है।
सराफा व्यापारी ललित चौहान ने कहा कि अब ग्राहक उधारी को लेकर आ रहे हैं, लेकिन सब 500-1000 के नोट दे रहे हैं। ऐेसे में सरकार को नियमों में छूट देनी चाहिए। दिवाली पर परवान चढ़ा कारोबार अब 10 फीसद पर आ गया है।
चूड़ी व्यापारी जितेंद्र जैन ने कहा कि छोटा कारोबार है, शादियों का सीजन अहम है। ऐसे में नोट बंदी के फैसले ने दिक्कत बढ़ा दी है। सरकार ने बाजार के हाल पर गौर किए बिना निर्णय लिया है।
सीमेंट व्यापारी संजीव जादौन ने बताया कि नोट बंदी के बाद निर्माण कार्यों पर ब्रेक लग गया है। लेबर और मजदूर ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। व्यापारियों की परेशानी पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन
घंटाघर पर गुरुवार को जिले के व्यापारियों की सभा हुई। इसमें उन्होंने नोट बंदी के बाद आ रही दिक्कतों, बाजार के हाल, लोगों की समस्याओं और केंद्र सरकार के फैसले को लेकर चर्चा की। सभा में व्यापारियों ने केंद्र सरकार से जनता को राहत देने की मांग की। इस दौरान सराफा, कपड़ा, स्टेशनरी, बूरा-बताशा, पेंट्स, इलेक्ट्रोनिक्स, पटाखा, सीमेंट, सब्जी-फल, नेस्ले वितरक, हौजरी, पान समेत तमाम व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों ने सरकार के फैसले पर रायशुमारी की।
विज्ञापन
केंद्र सरकार फैसले को लेकर प्रतिक्रियाओं के बीच व्यापारियों का मूक समर्थन नजर आया। व्यापारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने का भी एलान किया। अमित चौहान, व्यापार मंडल के युवा जिलाध्यक्ष अतुल राठी, नगर अध्यक्ष डेविड जैन, दीपक वार्ष्णेय, कैलाश जैन, रजनीश जैन, अनवार हुसैन, लियाकत अली, ललित चौहान, दीपक चौहान, सुनील कुमार, आदेश गुप्ता, नलिन जैन, पंकज जैन, जितेंद्र जैन, गणेश वार्ष्णेय, संजीव वार्ष्णेय, संजीव जादौन, राघवेंद्र सिंह, अनुराग वर्मा आदि रहे।
विज्ञापन
पान के थोक व्यापारी अनवार हुसैन ने कहा कि नोट बंदी के व्यापार करना आसान नहीं रह गया है। पहले जहां प्रतिदिन थोक में दो से तीन हजार रुपये की दुकानदारी होती थी, अब 500 रुपये भी नहीं हो पा रहे।
हौजरी व्यवसायी रजनीश जैन का कहना है कि हमारे यहां माल गंजडुंडवारा और इटावा से आता है। छोटे उद्योग के कारीगर अब खुले रुपये मांगते हैं। बाजार में खुले रुपयों की किल्लत है। ऐेसे में व्यापार करना बहुत मुश्किल है।
सराफा व्यापारी ललित चौहान ने कहा कि अब ग्राहक उधारी को लेकर आ रहे हैं, लेकिन सब 500-1000 के नोट दे रहे हैं। ऐेसे में सरकार को नियमों में छूट देनी चाहिए। दिवाली पर परवान चढ़ा कारोबार अब 10 फीसद पर आ गया है।
चूड़ी व्यापारी जितेंद्र जैन ने कहा कि छोटा कारोबार है, शादियों का सीजन अहम है। ऐसे में नोट बंदी के फैसले ने दिक्कत बढ़ा दी है। सरकार ने बाजार के हाल पर गौर किए बिना निर्णय लिया है।
सीमेंट व्यापारी संजीव जादौन ने बताया कि नोट बंदी के बाद निर्माण कार्यों पर ब्रेक लग गया है। लेबर और मजदूर ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। व्यापारियों की परेशानी पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।