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Etah News: बाल कल्याण समिति में रार, अध्यक्ष के खिलाफ एक सदस्य ने खोला मोर्चा
Wed, 15 May 2024 11:24 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 15 May 2024 11:24 PM IST
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एटा। जिला मुख्यालय पर कार्यरत बाल कल्याण समिति में रार पड़ गई है। अध्यक्ष के खिलाफ समिति के ही एक सदस्य ने मोर्चा खोल दिया है। भ्रष्ट आचरण और आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए उन्हें पद से हटाने के लिए वह हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। इस पर जांच और कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट ने डीएम को निर्देशित किया है।
शासन स्तर से हर जिले में एक बाल कल्याण समिति का गठन किया जाता है। जो नाबालिगों के कानूनी अधिकार दिलाने और उनको संरक्षण प्रदान करने का कार्य करती है। यहां इस समिति में सदस्य (न्यायिक) के पद पर नियुक्त कौशल किशोर एडवोकेट ने बताया कि पहले इस मामले में डीएम को अवगत कराया था। बताया था कि समिति के अध्यक्ष आनंद पांडेय के खिलाफ जैथरा थाने में तीन मुकदमे दर्ज हैं। नियमानुसार ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति बाल कल्याण समिति के किसी पद पर नहीं की जा सकती। बताया कि तीनों केस की अद्यतन जानकारी डीएम को दी थी। कौशल किशोर का यह भी आरोप है कि अध्यक्ष और समिति की एक अन्य सदस्य मिलकर यहां आने वाली पीड़िताओं से रुपये लेकर भ्रष्टाचार करते हैं।
इस शिकायत पर डीएम ने 10 मई 2023 को 15 दिन के अंदर जांच करने के लिए तत्कालीन एडीएम प्रशासन आलोक कुमार को निर्देश दिए। लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। अध्यक्ष पर आरोप लगाए हैं कि जानकारी के बाद भी उन्होंने कई नाबालिग लड़कियों के विवाह रुकवाने की कार्रवाई नहीं की। कई लावारिश नवजात बच्चों का सौदा कर दिया। बाद में सीडीओ की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई गई। लेकिन इस पर भी कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की है। 30 अप्रैल को उच्च न्यायालय ने डीएम को आदेश दिया है कि तीन महीने में जांच पूरी करें।
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दोनों पक्षों में बैठने की जगह आदि को लेकर विवाद था। जिसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे थे। वहां जाकर दोनों के बीच समझौता करा दिया गया था। न्यायालय में याचिका की जानकारी नहीं है। - प्रतिमा निमेष, प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी
कौशल किशोर समय पर नहीं आते। जिसके बारे में टोकने पर उन्होंने इस तरह की आरोप लगाते हुए शिकायतें की हैं। जबकि ऐसे कार्यों में वह स्वयं लिप्त हैं। -आनंद पांडेय, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति
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शासन स्तर से हर जिले में एक बाल कल्याण समिति का गठन किया जाता है। जो नाबालिगों के कानूनी अधिकार दिलाने और उनको संरक्षण प्रदान करने का कार्य करती है। यहां इस समिति में सदस्य (न्यायिक) के पद पर नियुक्त कौशल किशोर एडवोकेट ने बताया कि पहले इस मामले में डीएम को अवगत कराया था। बताया था कि समिति के अध्यक्ष आनंद पांडेय के खिलाफ जैथरा थाने में तीन मुकदमे दर्ज हैं। नियमानुसार ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति बाल कल्याण समिति के किसी पद पर नहीं की जा सकती। बताया कि तीनों केस की अद्यतन जानकारी डीएम को दी थी। कौशल किशोर का यह भी आरोप है कि अध्यक्ष और समिति की एक अन्य सदस्य मिलकर यहां आने वाली पीड़िताओं से रुपये लेकर भ्रष्टाचार करते हैं।
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इस शिकायत पर डीएम ने 10 मई 2023 को 15 दिन के अंदर जांच करने के लिए तत्कालीन एडीएम प्रशासन आलोक कुमार को निर्देश दिए। लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। अध्यक्ष पर आरोप लगाए हैं कि जानकारी के बाद भी उन्होंने कई नाबालिग लड़कियों के विवाह रुकवाने की कार्रवाई नहीं की। कई लावारिश नवजात बच्चों का सौदा कर दिया। बाद में सीडीओ की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई गई। लेकिन इस पर भी कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की है। 30 अप्रैल को उच्च न्यायालय ने डीएम को आदेश दिया है कि तीन महीने में जांच पूरी करें।
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दोनों पक्षों में बैठने की जगह आदि को लेकर विवाद था। जिसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे थे। वहां जाकर दोनों के बीच समझौता करा दिया गया था। न्यायालय में याचिका की जानकारी नहीं है। - प्रतिमा निमेष, प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी
कौशल किशोर समय पर नहीं आते। जिसके बारे में टोकने पर उन्होंने इस तरह की आरोप लगाते हुए शिकायतें की हैं। जबकि ऐसे कार्यों में वह स्वयं लिप्त हैं। -आनंद पांडेय, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति