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Etah News: बारिश ने बढ़ाई किसानाें की चिंता, आलू की बुवाई थमी

Tue, 28 Oct 2025 09:31 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 28 Oct 2025 09:31 PM IST
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Rain increased farmers' worries, sowing of potatoes stopped
कस्बा सकीट में खेत में कटी पड़ी धान की फसल। संवाद
एटा। मौसम के बदले मिजाज से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सोमवार दोपहर से शुरू हुई बूंदाबांदी मंगलवार शाम तक रुक-रुककर जारी रही। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। किसानों ने खेतों में आलू की बुवाई रोक दी है। जिन किसानों ने बुवाई कर दी है उन्हें बीज सड़ने की चिंता सता रही है।
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मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिन मौसम इसी तरह का रहने की संभावना जताई है। सोमवार को बारिश होने से खेत तैयार करने का काम रुक गया। अवागढ़, जलेसर, अलीगंज, सकीट समेत कई कस्बों में किसानों ने बुवाई रोककर खेतों में रखे आलू के बीजों को बारिश से बचाव के लिए ढक दिया है। किसानों का कहना है कि लगातार नमी रहने से बीज में गलन व फफूंद की समस्या बढ़ सकती है। अगर बारिश जारी रही तो बुवाई पिछड़ जाएगी। जो किसान पहले ही बुवाई कर चुके हैं, उनके आलू के बीज जमीन में ही सड़ सकते हैं।
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दिनभर आसमान में छाए रहे बादल
सोमवार को शुरू हुई बारिश दूसरे दिन मंगलवार सुबह तक जारी रही। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। बारिश की वजह से मौसम में ठंडक बढ़ गई। लोगों को पहली बार हल्की सर्दी का अहसास हुआ। कृषि वैज्ञानिक अवागढ़ केंद्र डॉ. एसके सिंह ने बताया कि अभी दो-तीन दिन बादल छाए रहने व हल्की बारिश की संभावना है।
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धान के किसानों की बढ़ी चिंता
कृषि उत्पादन गल्ला मंडी समिति परिसर में खुले में रखा धान भीग गया। मंडी में बड़ी मात्रा में धान खुले में रखा है जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कई किसान खेतों में रखे धान के भीगने से चिंतित हैं। उनका कहना है कि बारिश होती रही तो धान गीला होने से उसकी गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। वहीं खेतों में कटी पड़ी धान की फसल भी बारिश के कारण भीग गई है।

अगर लगातार बारिश हुई तो आलू के बीज गलने का डर है। फिलहाल बुवाई रोक दी है। आगे भी बारिश जारी रही तो बुवाई पिछड़ जाएगी। -प्रमोद तिवारी
मौसम ऐसे ही खराब बना रहा तो खेतों में नमी बढ़ने से फफूंद रोग का खतरा बढ़ जाएगा। वहीं कटी पड़ी धान की फसल भी चिंता बढ़ाए हुए है। -मनोज कुमार

कस्बा सकीट में खेत में कटी पड़ी धान की फसल। संवाद

कस्बा सकीट में खेत में कटी पड़ी धान की फसल। संवाद

कस्बा सकीट में खेत में कटी पड़ी धान की फसल। संवाद

कस्बा सकीट में खेत में कटी पड़ी धान की फसल। संवाद

कस्बा सकीट में खेत में कटी पड़ी धान की फसल। संवाद

कस्बा सकीट में खेत में कटी पड़ी धान की फसल। संवाद

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