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ठंड में तीन घंटे तड़पती रही प्रसूता, नहीं पसीजे डाक्टर
Amar Ujala
Updated Mon, 09 Jan 2017 12:10 AM IST
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प्राइवेट अस्पताल में जच्चा-बच्चा
- फोटो : Amar Ujala
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शनिवार शाम को एक प्रसूता जिला महिला अस्पताल के गेट पर इलाज के लिए तरसती रही, लेकिन डाक्टरों का दिल नहीं पसीजा। तीन घंटे बाद हालत बिगड़ी, तो प्रसूता को रेफर करके पल्ला झाड़ लिया। परिवारीजनों ने निजी अस्पताल में प्रसव कराया।
नगला पोता निवासी रूकसार पत्नी आशू को शनिवार शाम को प्रसव पीड़ा हुई। परिवारीजन प्रसूता को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। पीड़िता के ससुर मोहम्मद यूनिस ने बताया कि अस्पताल में कोई डाक्टर नहीं था। इमरजेंसी में बैठी एक नर्स से जब भर्ती करने को कहा गया, तो उन्होंने डाक्टर नहीं होने और लिखापढ़ी करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। प्रसूता ठंड में तीन घंटे तक अस्पताल के गेट पर तड़पती रही, लेकिन डाक्टर नहीं आए।
उन्होंने बताया कि डाक्टरों को बुलाने के लिए डीएम शंभूनाथ और सीएमओ डा. आरसी पांडेय को फोन किया गया, लेकिन उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। काफी देर बाद जब प्रसूता की हालत बिगड़ी, तो महिला डाक्टर पहुंचीं। उन्होंने प्रसूता की हालत नाजुक बताते हुए आगरा के लिए रेफर की स्लिप बना दी। इस पर परिवारीजन आनन फानन में शहर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां प्रसूता को सुरक्षित प्रसव कराया गया।
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गौरतलब है कि जिला महिला चिकित्सालय में गुरुवार रात पहुंची एक गर्भवती महिला को चिकित्सक और स्टाफ ने भर्ती नहीं किया और लौटा दिया था। परिवारीजन सर्दी और ठिठुरन भरी रात में उसे एक रिक्शा में लेकर दूसरे अस्पताल के लिए चले तो रास्ते में ही प्रसव हो गया था।
सीएमओ डा. आरसी पांडेय ने बताया कि प्रसूता की हालत नाजुक थी, इसलिए रेफर किया गया। मैने निर्देश दिए थे, अगर डाक्टर नहीं पहुंचे हैं, तो कार्रवाई की जाएगी।
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नगला पोता निवासी रूकसार पत्नी आशू को शनिवार शाम को प्रसव पीड़ा हुई। परिवारीजन प्रसूता को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। पीड़िता के ससुर मोहम्मद यूनिस ने बताया कि अस्पताल में कोई डाक्टर नहीं था। इमरजेंसी में बैठी एक नर्स से जब भर्ती करने को कहा गया, तो उन्होंने डाक्टर नहीं होने और लिखापढ़ी करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। प्रसूता ठंड में तीन घंटे तक अस्पताल के गेट पर तड़पती रही, लेकिन डाक्टर नहीं आए।
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उन्होंने बताया कि डाक्टरों को बुलाने के लिए डीएम शंभूनाथ और सीएमओ डा. आरसी पांडेय को फोन किया गया, लेकिन उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। काफी देर बाद जब प्रसूता की हालत बिगड़ी, तो महिला डाक्टर पहुंचीं। उन्होंने प्रसूता की हालत नाजुक बताते हुए आगरा के लिए रेफर की स्लिप बना दी। इस पर परिवारीजन आनन फानन में शहर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां प्रसूता को सुरक्षित प्रसव कराया गया।
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गौरतलब है कि जिला महिला चिकित्सालय में गुरुवार रात पहुंची एक गर्भवती महिला को चिकित्सक और स्टाफ ने भर्ती नहीं किया और लौटा दिया था। परिवारीजन सर्दी और ठिठुरन भरी रात में उसे एक रिक्शा में लेकर दूसरे अस्पताल के लिए चले तो रास्ते में ही प्रसव हो गया था।
सीएमओ डा. आरसी पांडेय ने बताया कि प्रसूता की हालत नाजुक थी, इसलिए रेफर किया गया। मैने निर्देश दिए थे, अगर डाक्टर नहीं पहुंचे हैं, तो कार्रवाई की जाएगी।