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फतिहा के बाद मांगी अमन-चैन की दुआ
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Wed, 20 Apr 2016 11:20 PM IST
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उर्स-ए-नूरी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
दरगाह शरीफ खानकाहे बरकातिया पर चल रहे 112वें उर्स-ए-नूरी का कुल शरीफ की फातिहा के साथ बुधवार को समापन हुआ।
गुलशने बरकात पार्क में कुल शरीफ की फातिहा में सज्जादानशीन प्रोफेसर सैयद अमीन मियां कादरी ने तकरीर में कहा कि मुसलमान कभी आतंक को समर्थन नहीं करता। दुनियां भर में जितने भी आतंकवादी संगठन हैं वह इस्लाम के खिलाफ हैं। सज्जादानशीन सैयद नजीब हैदर नूरी ने कहा कि मारहरा शरीफ का रिश्ता बरेली शरीफ से मजबूती के साथ बना रहेगा। हम मसलके आला हजरत को मानते हैं। सैयद अशरफ मियां कादरी ने कहा कि मुसलमानों का तालीम से जुड़ना बहुत जरूरी है। कुल शरीफ की फातिहा के बाद दुनियाभर में अमन चैन की दुआ की गई। दुआ के बाद मौजूद जायरीन को पवित्र तबर्रूकात की जियारत कराई गई। जियारत के बाद सभी जायरीन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। उर्स के मौके पर नगर पालिका परिषद ने कस्बा में बेहतर साफ-सफाई के प्रबंध कराते हुए पीने के पानी और जनरेटर द्वारा प्रकाश व्यवस्था का इंतजाम कराया गया। वहीं लोगों का कहना था कि दरगाह शरीफ पर लगने वाले उर्स में पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय अपने कार्यकाल में कस्बे में 12 दिन के लिए निर्बाध विद्युत सप्लाई के आदेश जारी करते थे। उस दौरान कस्बा रोशनी से जगमगाता था। वर्तमान में उर्स के मौके पर कस्बा में 6 घंटे भी विद्युत सप्लाई नहीं मिली।
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आठ हाफिजों की हुई दस्तारबंदी
मारहरा। दरगाह शरीफ के मदरसा कासिमुल बरकात और अहसनुल बरकात के आठ बच्चों को हाफिज-ए-कुरान का मर्तबा हासिल हुआ। उर्स के मौके पर हाफिज मोहम्मद तौसीफ, हाफिज मोहम्मद बरकत अली, हाफिज मोहम्मद तस्लीम, हाफिज अब्दुल कादिर, हाफिज गुलाम मुहीद्दीन, हाफिज मोहम्मद मुर्तजा, हाफिज गुलजार समदानी व हाफिज मोहम्मद जुबैर को साफा बांधकर दस्तारबंदी की गई।
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गुलशने बरकात पार्क में कुल शरीफ की फातिहा में सज्जादानशीन प्रोफेसर सैयद अमीन मियां कादरी ने तकरीर में कहा कि मुसलमान कभी आतंक को समर्थन नहीं करता। दुनियां भर में जितने भी आतंकवादी संगठन हैं वह इस्लाम के खिलाफ हैं। सज्जादानशीन सैयद नजीब हैदर नूरी ने कहा कि मारहरा शरीफ का रिश्ता बरेली शरीफ से मजबूती के साथ बना रहेगा। हम मसलके आला हजरत को मानते हैं। सैयद अशरफ मियां कादरी ने कहा कि मुसलमानों का तालीम से जुड़ना बहुत जरूरी है। कुल शरीफ की फातिहा के बाद दुनियाभर में अमन चैन की दुआ की गई। दुआ के बाद मौजूद जायरीन को पवित्र तबर्रूकात की जियारत कराई गई। जियारत के बाद सभी जायरीन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। उर्स के मौके पर नगर पालिका परिषद ने कस्बा में बेहतर साफ-सफाई के प्रबंध कराते हुए पीने के पानी और जनरेटर द्वारा प्रकाश व्यवस्था का इंतजाम कराया गया। वहीं लोगों का कहना था कि दरगाह शरीफ पर लगने वाले उर्स में पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय अपने कार्यकाल में कस्बे में 12 दिन के लिए निर्बाध विद्युत सप्लाई के आदेश जारी करते थे। उस दौरान कस्बा रोशनी से जगमगाता था। वर्तमान में उर्स के मौके पर कस्बा में 6 घंटे भी विद्युत सप्लाई नहीं मिली।
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आठ हाफिजों की हुई दस्तारबंदी
मारहरा। दरगाह शरीफ के मदरसा कासिमुल बरकात और अहसनुल बरकात के आठ बच्चों को हाफिज-ए-कुरान का मर्तबा हासिल हुआ। उर्स के मौके पर हाफिज मोहम्मद तौसीफ, हाफिज मोहम्मद बरकत अली, हाफिज मोहम्मद तस्लीम, हाफिज अब्दुल कादिर, हाफिज गुलाम मुहीद्दीन, हाफिज मोहम्मद मुर्तजा, हाफिज गुलजार समदानी व हाफिज मोहम्मद जुबैर को साफा बांधकर दस्तारबंदी की गई।
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