{"_id":"65a67ad024dfabd830033291","slug":"people-had-to-go-to-jail-had-to-face-lathicharge-etah-news-c-163-1-sagr1016-11390-2024-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: लोगों को जाना पड़ा जेल, खानी पड़ीं थीं लाठियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: लोगों को जाना पड़ा जेल, खानी पड़ीं थीं लाठियां
Tue, 16 Jan 2024 06:17 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 16 Jan 2024 06:17 PM IST
विज्ञापन
अलीगंज। राम जन्मभूमि आंदोलन में नगर के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया कई लोग जेल गए। लोग कार सेवा के लिए तेजी से जुड़ रहे थे तब वर्ष 1990 में विश्व हिंदू परिषद और भाजपा के लोगों को जेल जाना पड़ा और लाठियां खानी पड़ीं थीं।
राम जन्मभूमि आंदोलन में पूर्व मंत्री गेंदालाल गुप्ता, आज्ञा राम गंगवार और देवेंद्र सिंह तोमर को जेल जाना पड़ा था। कार सेवक विनोद कुमार आर्य ने बताया 28 अक्तूबर वर्ष 1990 में राम मंदिर के लिए गांधी मूर्ति चौराहे पर सैकड़ों की संख्या में राम भक्त आंदोलन कर रहे थे तभी पुलिस ने भीड़ पर लाठी चार्ज कर दिया था, जो लोग भाग सके वह तो भाग गए। इसमें राजेश कुमार गुप्ता मोहल्ला नजफ अली, राकेश कुमार गुप्ता मोहल्ला कांशीराम, सुमन गुप्ता मोहल्ला राम प्रसाद चौधरी, रामसेवक गुप्ता मोहल्ला कांशीराम सहित काफी लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया था, जिन्हें मैनपुरी की बच्चा जेल में रखा गया। 7 नवंबर 1990 को सभी आंदोलनकारी को रिहा कर दिया गया।
आंदोलनकारी राजेश गुप्ता ने बताया श्री राम मंदिर आंदोलन के लिए महिलाओं ने भी मुख्य भूमिका निभाई, रामश्री राम शाला स्कूल मैं बैठक हुआ करती थी। जहां आंदोलन की रणनीति तैयार की जाती थी। बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराए जाने के बाद श्रीराम मंदिर आंदोलन के कार सेवकों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। कार सेवक राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि गांधी मूर्ति चौराहे पर श्रीराम मंदिर आंदोलन के लिए घर-घर से लोग आकर एकत्र हो रहे थे और आंदोलन के लिए तैयारी कर ही रहे थे तभी अचानक भारी पुलिस बल पहुंच गया और चारों तरफ से आंदोलनकारियों को घेर लिया गया था।
विज्ञापन
पुलिस ने उन लोगों के साथ अभद्रता कर पिटाई भी की थी, जितने लोग पुलिस की गिरफ्त में आ गए उनको थाने ले जाकर बैठा दिया गया और रात में मैनपुरी भेज दिया गया। जहां हम लोग 10 दिन तक जेल में रहने के बाद रिहा किए गए। हम सभी लोगों का सपना पूरा 22 जनवरी को होगा जब भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा होगी। उस दिन हम लोग दीपावली बनाकर खुशी का इजहार करेंगे।
विज्ञापन
राम जन्मभूमि आंदोलन में पूर्व मंत्री गेंदालाल गुप्ता, आज्ञा राम गंगवार और देवेंद्र सिंह तोमर को जेल जाना पड़ा था। कार सेवक विनोद कुमार आर्य ने बताया 28 अक्तूबर वर्ष 1990 में राम मंदिर के लिए गांधी मूर्ति चौराहे पर सैकड़ों की संख्या में राम भक्त आंदोलन कर रहे थे तभी पुलिस ने भीड़ पर लाठी चार्ज कर दिया था, जो लोग भाग सके वह तो भाग गए। इसमें राजेश कुमार गुप्ता मोहल्ला नजफ अली, राकेश कुमार गुप्ता मोहल्ला कांशीराम, सुमन गुप्ता मोहल्ला राम प्रसाद चौधरी, रामसेवक गुप्ता मोहल्ला कांशीराम सहित काफी लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया था, जिन्हें मैनपुरी की बच्चा जेल में रखा गया। 7 नवंबर 1990 को सभी आंदोलनकारी को रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन
आंदोलनकारी राजेश गुप्ता ने बताया श्री राम मंदिर आंदोलन के लिए महिलाओं ने भी मुख्य भूमिका निभाई, रामश्री राम शाला स्कूल मैं बैठक हुआ करती थी। जहां आंदोलन की रणनीति तैयार की जाती थी। बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराए जाने के बाद श्रीराम मंदिर आंदोलन के कार सेवकों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। कार सेवक राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि गांधी मूर्ति चौराहे पर श्रीराम मंदिर आंदोलन के लिए घर-घर से लोग आकर एकत्र हो रहे थे और आंदोलन के लिए तैयारी कर ही रहे थे तभी अचानक भारी पुलिस बल पहुंच गया और चारों तरफ से आंदोलनकारियों को घेर लिया गया था।
विज्ञापन
पुलिस ने उन लोगों के साथ अभद्रता कर पिटाई भी की थी, जितने लोग पुलिस की गिरफ्त में आ गए उनको थाने ले जाकर बैठा दिया गया और रात में मैनपुरी भेज दिया गया। जहां हम लोग 10 दिन तक जेल में रहने के बाद रिहा किए गए। हम सभी लोगों का सपना पूरा 22 जनवरी को होगा जब भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा होगी। उस दिन हम लोग दीपावली बनाकर खुशी का इजहार करेंगे।