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आदेश दरकिनार, 24 साल से पेंशन का इंतजार
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एटा। कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय ही पेंशन स्वीकृत करने के दावे दरकिनार कर दिए गए हैं। पूर्व कर्मचारी सालों-साल विभागों के चक्कर काट रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उच्च न्यायालय पहुंचा है, जिसमें जिला पंचायत राज अधिकारी को तलब किया गया। इसके अलावा भी कई मामले हैं, जिनमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सरकार से तय लाभ नहीं दिए जा रहे हैं।
लोग कहीं विभाग तो कहीं समाधान दिवस और शासन तक अपनी शिकायतें पहुंचा रहे हैं। जिला पंचायत राज विभाग में सफाई कर्मियों सहित कई कर्मचारियों को अभी तक वेतन भी नहीं मिल पाया है। कुछ कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग में वित्तीय लेनदेन की जिम्मेदारी संभाल रहे एक अधिकारी पर इनकी नजर है।
24 साल इंतजार करने के बाद हाईकोर्ट पहुंचा मामला
जिला पंचायत राज विभाग में विकासखंड अवागढ़ से 24 साल पहले एडीओ पंचायत नेम सिंह पाल सेवानिवृत्त हुए। जिसके बाद से उन्हें अभी तक पेंशन ही नहीं मिल सकी है। कारण बताया गया है कि विभाग में उनकी सर्विस बुक ही गायब हो चुकी है। ऐसे में पेंशन मिलना टेढ़ी खीर हो गई। नेम सिंह अपनी पेंशन को लेकर विभाग के चक्कर काटकर थक गए। बाद में उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। जिसके बाद हाईकोर्ट ने डीपीआरओ को तलब किया है।
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मृत्यु के बाद भी नहीं दिया बीमा का लाभ और रुका वेतन
विकासखंड मारहरा में तैनात पंचायत सचिव चिरंजीलाल की मृत्यु अगस्त 2019 में हुई थी। मृत्युपरांत मृतक आश्रित के रूप में उनके बेटे को नौकरी दे दी गई, लेकिन चिरंजीलाल का तीन माह का वेतन किसी कारणवश रुका हुआ था, जो अभी तक नहीं दिया गया है। वहीं मृत्यु के बाद दी जाने वाली बीमित धनराशि भी नहीं दी गई है।
एडीओ पंचायत के मामले में हाईकोर्ट ने तलब किया है। हालांकि उससे पहले कर्मचारी की सर्विस बुक की खोजबीन कराने में लगे हुए हैं। वहीं मृत पंचायत सचिव का अभी तक रुका हुआ वेतन नहीं मिला है। इस मामले को दिखवाया जाएगा। - मनोज त्यागी, जिला पंचायती राज अधिकारी
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लोग कहीं विभाग तो कहीं समाधान दिवस और शासन तक अपनी शिकायतें पहुंचा रहे हैं। जिला पंचायत राज विभाग में सफाई कर्मियों सहित कई कर्मचारियों को अभी तक वेतन भी नहीं मिल पाया है। कुछ कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग में वित्तीय लेनदेन की जिम्मेदारी संभाल रहे एक अधिकारी पर इनकी नजर है।
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24 साल इंतजार करने के बाद हाईकोर्ट पहुंचा मामला
जिला पंचायत राज विभाग में विकासखंड अवागढ़ से 24 साल पहले एडीओ पंचायत नेम सिंह पाल सेवानिवृत्त हुए। जिसके बाद से उन्हें अभी तक पेंशन ही नहीं मिल सकी है। कारण बताया गया है कि विभाग में उनकी सर्विस बुक ही गायब हो चुकी है। ऐसे में पेंशन मिलना टेढ़ी खीर हो गई। नेम सिंह अपनी पेंशन को लेकर विभाग के चक्कर काटकर थक गए। बाद में उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। जिसके बाद हाईकोर्ट ने डीपीआरओ को तलब किया है।
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मृत्यु के बाद भी नहीं दिया बीमा का लाभ और रुका वेतन
विकासखंड मारहरा में तैनात पंचायत सचिव चिरंजीलाल की मृत्यु अगस्त 2019 में हुई थी। मृत्युपरांत मृतक आश्रित के रूप में उनके बेटे को नौकरी दे दी गई, लेकिन चिरंजीलाल का तीन माह का वेतन किसी कारणवश रुका हुआ था, जो अभी तक नहीं दिया गया है। वहीं मृत्यु के बाद दी जाने वाली बीमित धनराशि भी नहीं दी गई है।
एडीओ पंचायत के मामले में हाईकोर्ट ने तलब किया है। हालांकि उससे पहले कर्मचारी की सर्विस बुक की खोजबीन कराने में लगे हुए हैं। वहीं मृत पंचायत सचिव का अभी तक रुका हुआ वेतन नहीं मिला है। इस मामले को दिखवाया जाएगा। - मनोज त्यागी, जिला पंचायती राज अधिकारी