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Etah News: टपकती छत के नीचे नातियों को पाल रही बूढ़ी दादी
Tue, 04 Feb 2025 10:31 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 04 Feb 2025 10:31 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में नाती का उपचार कराती दादी समिंदा देवी।
- फोटो : मेडिकल कॉलेज में नाती का उपचार कराती दादी समिंदा देवी।
एटा। थाना कोतवाली देहात के गांव नगला पवल में एक और परिवार की तंगहाली का मामला मंगलवार को कलेक्ट्रेट और मेडिकल कॉलेज में देखने को मिला। एक बूढ़ी अम्मा अपने दो मासूम नातियों को मेहनत-मजदूरी कर पाल रही है। बेटे की मौत के बाद पुत्रवधू बच्चों को छोड़कर चली गई। वृद्धा घर की टपकती छत को नीचे बमुश्किल बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। मंगलवार को मदद की आस में डीएम के पास पहुंची। बीमार बच्चे को देख इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।
ब्लॉक शीतलपुर के गांव नगला पवल निवासी समिंदा देवी ने मेडिकल कॉलेज में संवाद को बताया कि पति विजय सिंह की लगभग 10 वर्ष पूर्व बीमारी के चलते मौत हो गई। उसके बाद बेटे गौरव के पास रहने लगी। मगर 4 वर्ष पूर्व बेटे की भी बीमारी के चलते मौत हो गई। पुत्रवधू देविका का सहारा था लेकिन 2 वर्ष पूर्व देविका भी अपने दोनों बच्चों को हमारे पास छोड़कर चली गई। पुराना मकान है, जिसकी छत से पानी टपकता है।
बड़ा नाती 6 वर्षीय कार्तिक गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 2 का छात्र है। लगभग 4 वर्षीय दूसरा नाती मोहित आंगनबाड़ी केंद्र पर पढ़ता है। इनके लालन-पालन के लिए पूड़ी बेलकर गुजारा कर रही हूं। राशन तो मिलता है मगर मकान गिरासू अवस्था में है। इतना ही नहीं कभी-कभी तो घर पर रोटी बनाने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ती है। मंगलवार को जिलाधिकारी के पास गई थी।
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यहां से बीमार बच्चों के उपचार के लिए डीएम ने उनको मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। यहां उपचार चल रहा है। बता दें कि पिछले महीने इसी गांव में की रहने वाली विधवा सुमन ने आर्थिक तंगी की वजह से कीटनाशक निगलकर जान दे दी थी। इसके बाद सभी पात्रों को योजनाओं से लाभांवित करने पर जोर दिया गया। सीडीओ डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि पात्रता के अनुसार यदि परिवार किसी योजना से वंचित है, तो उसे लाभ दिलाया जाएगा।
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ब्लॉक शीतलपुर के गांव नगला पवल निवासी समिंदा देवी ने मेडिकल कॉलेज में संवाद को बताया कि पति विजय सिंह की लगभग 10 वर्ष पूर्व बीमारी के चलते मौत हो गई। उसके बाद बेटे गौरव के पास रहने लगी। मगर 4 वर्ष पूर्व बेटे की भी बीमारी के चलते मौत हो गई। पुत्रवधू देविका का सहारा था लेकिन 2 वर्ष पूर्व देविका भी अपने दोनों बच्चों को हमारे पास छोड़कर चली गई। पुराना मकान है, जिसकी छत से पानी टपकता है।
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बड़ा नाती 6 वर्षीय कार्तिक गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 2 का छात्र है। लगभग 4 वर्षीय दूसरा नाती मोहित आंगनबाड़ी केंद्र पर पढ़ता है। इनके लालन-पालन के लिए पूड़ी बेलकर गुजारा कर रही हूं। राशन तो मिलता है मगर मकान गिरासू अवस्था में है। इतना ही नहीं कभी-कभी तो घर पर रोटी बनाने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ती है। मंगलवार को जिलाधिकारी के पास गई थी।
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यहां से बीमार बच्चों के उपचार के लिए डीएम ने उनको मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। यहां उपचार चल रहा है। बता दें कि पिछले महीने इसी गांव में की रहने वाली विधवा सुमन ने आर्थिक तंगी की वजह से कीटनाशक निगलकर जान दे दी थी। इसके बाद सभी पात्रों को योजनाओं से लाभांवित करने पर जोर दिया गया। सीडीओ डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि पात्रता के अनुसार यदि परिवार किसी योजना से वंचित है, तो उसे लाभ दिलाया जाएगा।