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रेलवे स्टेशन पर चले नोट, बस में कंडक्टर ने की आनाकानी
Amar Ujala
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:03 AM IST
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रेलवे स्टेशन पर चले नोट, बस में कंडक्टर ने की आनाकानी
- फोटो : Amar Ujala
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बड़े नोटों को 72 घंटे तक लेनदेन के आदेश का पालन पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। रेलवे स्टेशन पर तो बड़े नोटों को ले लिया गया, लेकिन बस में जिद्दी कंडक्टरों ने लेने में खूब आनाकानी की। साथ ही 100 रुपये के नोट होने पर ही कई यात्रियों बस में चढ़ाया। वहीं, निजी चिकित्सकों ने तो बड़े नोटों को लेने से साफ इंकार कर दिया।
शासन ने नोट बंद करने के साथ ही 72 घंटों तक यात्रियों एवं मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नोटों को लेने के आदेश भी जारी किए हैं। रेलवे स्टेशन पर जो यात्री 500 और 1000 रुपये का नोट देकर टिकट मांग रहे थे, उन्हें काउंटर से आसानी से टिकटें दी गईं। वहीं, बसों में इसके विपरीत देखने को मिला। अधिकतर परिचालकों ने यात्रियों से बड़े नोट लेने से इंकार कर दिया। इससे उनमें तीखी नोकझोंक हो गई।
वहीं, निजी अस्पतालों में भी डाक्टरों ने नोटों को लेने से इंकार कर दिया। जो मरीज 500 व 1000 के नोट से भुगतान कर रहे थे। उनका भुगतान डाक्टरों ने नहीं लिया। छोटे नोट भुगतान में देने को कहा। एक मरीज ने बताया कि जब वह चिकित्सक को दिखाने गया और उसने 500 का नोट भुगतान में दिया तो यह नोट नहीं लिया गया।
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पूरे रुपये का तेल डलवाने का रहा दबाव
बड़े नोटों के बदले गाड़ियों में पेट्रोल डलवाने की छूट के चलते पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान उन्हें छूूट का फायदा नहीं मिल सका। वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ पेट्रोल संचालकों ने 500 का नोट देने पर पूरे रुपये की पेट्रोल डलवाने का दबाव दिया और तेल दिया। कुछ पेट्रोल पंप संचालक वाहन चालकों से आरसी जमा करने पर ही 500 या 1000 का नोट स्वीकार कर रहे थे। इससे इन पर भी नोकझोंक की स्थिति देखी गई।
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शासन ने नोट बंद करने के साथ ही 72 घंटों तक यात्रियों एवं मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नोटों को लेने के आदेश भी जारी किए हैं। रेलवे स्टेशन पर जो यात्री 500 और 1000 रुपये का नोट देकर टिकट मांग रहे थे, उन्हें काउंटर से आसानी से टिकटें दी गईं। वहीं, बसों में इसके विपरीत देखने को मिला। अधिकतर परिचालकों ने यात्रियों से बड़े नोट लेने से इंकार कर दिया। इससे उनमें तीखी नोकझोंक हो गई।
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वहीं, निजी अस्पतालों में भी डाक्टरों ने नोटों को लेने से इंकार कर दिया। जो मरीज 500 व 1000 के नोट से भुगतान कर रहे थे। उनका भुगतान डाक्टरों ने नहीं लिया। छोटे नोट भुगतान में देने को कहा। एक मरीज ने बताया कि जब वह चिकित्सक को दिखाने गया और उसने 500 का नोट भुगतान में दिया तो यह नोट नहीं लिया गया।
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पूरे रुपये का तेल डलवाने का रहा दबाव
बड़े नोटों के बदले गाड़ियों में पेट्रोल डलवाने की छूट के चलते पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान उन्हें छूूट का फायदा नहीं मिल सका। वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ पेट्रोल संचालकों ने 500 का नोट देने पर पूरे रुपये की पेट्रोल डलवाने का दबाव दिया और तेल दिया। कुछ पेट्रोल पंप संचालक वाहन चालकों से आरसी जमा करने पर ही 500 या 1000 का नोट स्वीकार कर रहे थे। इससे इन पर भी नोकझोंक की स्थिति देखी गई।