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Etah News: नरक चतुर्दशी आज, दोपहर 1.53 बजे से पूजा का है शुभ मुहूर्त
Sun, 19 Oct 2025 12:53 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 19 Oct 2025 12:53 AM IST
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एटा। धनतेरस के अगले दिन रविवार को नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, माता लक्ष्मी और यमराज की पूजा का विशेष महत्व है। दोपहर 1.53 बजे से पूजा का शुभ मुहूर्त शुरू होगा।
पंडित सतेंद्र कुमार दीक्षित ने बताया कि नरक चतुर्दशी पर स्नान, दान और दीपदान से पापों से मुक्ति मिलती है और दीर्घायु प्राप्त होती है। नरक चतुर्दशी का पूजन रविवार दोपहर 1:53 से शुरू होकर अगले दिन सोमवार 3:46 बजे तक चलेगा। इस समय अभ्यंग स्नान व दीपदान का विधान भी शुभ होगा।
बताया कि जो व्यक्ति इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में तेलाभिषेक कर दीपदान करता है, वह यमराज के भय से मुक्त रहता है। पूजा से पहले तिल के तेल से शरीर पर उबटन कर स्नान करें। इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज को दीपदान करें। घर के मुख्य द्वार, आंगन व तुलसी के पास दीपक जलाना शुभ माना गया है।
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पंडित दीक्षित ने बताया कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, माता लक्ष्मी व यमराज की विधिवत पूजा कर ॐ नमः भगवते नरकासुर संहारकाय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है व दुर्भाग्य दूर होता है।
पंडित सतेंद्र कुमार दीक्षित ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार नरक चतुर्दशी के दिन श्रीकृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध कर धरती को उसके अत्याचार से मुक्त कराया था। इसीलिए इसे नरक चतुर्दशी व छोटी दिवाली भी कहा जाता है। इस दिन दीप जलाने, मिठाई बांटने व प्रसाद वितरित करने की परंपरा है।
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पंडित सतेंद्र कुमार दीक्षित ने बताया कि नरक चतुर्दशी पर स्नान, दान और दीपदान से पापों से मुक्ति मिलती है और दीर्घायु प्राप्त होती है। नरक चतुर्दशी का पूजन रविवार दोपहर 1:53 से शुरू होकर अगले दिन सोमवार 3:46 बजे तक चलेगा। इस समय अभ्यंग स्नान व दीपदान का विधान भी शुभ होगा।
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बताया कि जो व्यक्ति इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में तेलाभिषेक कर दीपदान करता है, वह यमराज के भय से मुक्त रहता है। पूजा से पहले तिल के तेल से शरीर पर उबटन कर स्नान करें। इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज को दीपदान करें। घर के मुख्य द्वार, आंगन व तुलसी के पास दीपक जलाना शुभ माना गया है।
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पंडित दीक्षित ने बताया कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, माता लक्ष्मी व यमराज की विधिवत पूजा कर ॐ नमः भगवते नरकासुर संहारकाय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है व दुर्भाग्य दूर होता है।
पंडित सतेंद्र कुमार दीक्षित ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार नरक चतुर्दशी के दिन श्रीकृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध कर धरती को उसके अत्याचार से मुक्त कराया था। इसीलिए इसे नरक चतुर्दशी व छोटी दिवाली भी कहा जाता है। इस दिन दीप जलाने, मिठाई बांटने व प्रसाद वितरित करने की परंपरा है।