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Etah News: जिले में 11 केंद्रों पर हुई 66 हजार क्विंटल से अधिक बाजरा की खरीद
Thu, 20 Nov 2025 11:30 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 20 Nov 2025 11:30 PM IST
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कृषि उत्पादन मंडी समिति पर स्थित क्रेय केंद्र पर बाजरे को एकत्रित करते श्रमिक। संवाद
- फोटो : भवनी गांव में सियार को पकड़ने के लिए ग्रामीणों संग जाल बिछाते वनकर्मी।
एटा। अलीगंज रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति पर बाजरा आवक बढ़ गई है। सरकार की एमएसपी पर खरीद व्यवस्था के तहत जिले में कुल 11 खरीद केंद्र बनाए हैं। मंडी में सुबह से देर शाम तक आवक जारी है। 1.66 लाख क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 66 हजार क्विंटल से अधिक बाजरा की खरीद की जा चुकी है।
केंद्र पर पहुंचे किसान रुकमपाल का कहना है सरकारी केंद्रों पर बाजरा का समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। जबकि स्थानीय मंडी में व्यापारी 1960 रुपये प्रति क्विंटल का भाव बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि मंडी भाव और समर्थन मूल्य के बीच करीब 740 रुपये का अंतर होने से अधिकांश किसान सरकारी खरीद केंद्रों की ओर रुख कर रहे हैं।
किसान ओमपाल ने आरोप लगाया कि कई व्यापारी और बिचौलिए किसानों की उपज केंद्रों तक भेज रहे हैं। इससे वास्तविक किसानों को लाइन में अधिक समय लग रहा है। कुछ किसानों ने तो यह भी कहा कि व्यापारी अपने बिचौलियों को किसान बताकर केंद्रों पर उपज तौलवा रहे हैं इससे अव्यवस्था बढ़ रही है।
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केंद्रों पर नहीं है वारदाना : मंडी में बाजरा खरीद की लगातार आवक जारी है। ऐसे में बारदाने की कमी होने के कारण केंद्र प्रभारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र पर किसानों से अनाज खरीदने के बाद खुले में डाला जा रहा है। जिला विपणन अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि वारदाना बनारस से मंगाया जा रहा है। जल्द ही आने के बाद सभी व्यवस्था सुचारू की जाएगी।
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केंद्र पर पहुंचे किसान रुकमपाल का कहना है सरकारी केंद्रों पर बाजरा का समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। जबकि स्थानीय मंडी में व्यापारी 1960 रुपये प्रति क्विंटल का भाव बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि मंडी भाव और समर्थन मूल्य के बीच करीब 740 रुपये का अंतर होने से अधिकांश किसान सरकारी खरीद केंद्रों की ओर रुख कर रहे हैं।
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किसान ओमपाल ने आरोप लगाया कि कई व्यापारी और बिचौलिए किसानों की उपज केंद्रों तक भेज रहे हैं। इससे वास्तविक किसानों को लाइन में अधिक समय लग रहा है। कुछ किसानों ने तो यह भी कहा कि व्यापारी अपने बिचौलियों को किसान बताकर केंद्रों पर उपज तौलवा रहे हैं इससे अव्यवस्था बढ़ रही है।
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केंद्रों पर नहीं है वारदाना : मंडी में बाजरा खरीद की लगातार आवक जारी है। ऐसे में बारदाने की कमी होने के कारण केंद्र प्रभारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र पर किसानों से अनाज खरीदने के बाद खुले में डाला जा रहा है। जिला विपणन अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि वारदाना बनारस से मंगाया जा रहा है। जल्द ही आने के बाद सभी व्यवस्था सुचारू की जाएगी।