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Etah News: मोबाइल दे रहा तनाव, मनोविज्ञान विभाग में बढ़ रहे मरीज
Mon, 01 Dec 2025 11:56 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 01 Dec 2025 11:56 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग में मरीजों को सलाह देते चिकित्सक। संवाद
एटा। मेडिकल कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग में हर रोज तनाव, चिंता के साथ माइग्रेन के मरीज बढ़ रहे हैं। रोजाना 50 से अधिक मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। चिकित्सक इसके पीछे मोबाइल को बड़ी वजह बता रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्रथम तल पर मनोविज्ञान विभाग की ओपीडी संचालित है। यहां पर मानसिक रोगियों का उपचार किया जाता है। सोमवार को यहां पर सबसे अधिक मानसिक तनाव, चिंता, माइग्रेन और मिर्गी से ग्रसित मरीजों ने उपचार लिया।
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. शेषन और डॉ. वसुंधरा भूषण ने बताया कि मानसिक तनाव के कई कारण हो सकते हैं। इन दिनों मुख्य कारण मोबाइल बन रहा है। लोग देर रात तक मोबाइल चलाकर रील व वेब सीरीज देखते रहते हैं जिससे उन्हें अनिद्रा जैसी शिकायतें होने लगती हैं। उन्होंने बताया कि मानसिक तनाव के करीब 15 से 20 मरीज, अवसाद के 15 मरीज रोजाना उपचार लेने के लिए आ रहे हैं। इसके साथ ही माइग्रेन के 20 मरीज उपचार ले रहे हैं। अवसाद के प्रमुख लक्षण में मरीज का मन उदास रहना, आत्मविश्वास की कमी, नकारात्मक सोच, गुमसुम रहना, खुदकुशी का विचार आना आदि हैं।
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वहीं चिंता से ग्रसित मरीज के प्रमुख लक्षण घबराहट, बेचैनी, दिल का जोर से धड़कना, हाथ-पैरों का कांपना या सुन्न होना आदि हैं। उन्होंने सलाह दी कि अगर कोई मनोरोग से पीड़ित व्यक्ति है तो उसका उपचार कराना चाहिए। किसी झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें। संवाद
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मेडिकल कॉलेज के प्रथम तल पर मनोविज्ञान विभाग की ओपीडी संचालित है। यहां पर मानसिक रोगियों का उपचार किया जाता है। सोमवार को यहां पर सबसे अधिक मानसिक तनाव, चिंता, माइग्रेन और मिर्गी से ग्रसित मरीजों ने उपचार लिया।
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मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. शेषन और डॉ. वसुंधरा भूषण ने बताया कि मानसिक तनाव के कई कारण हो सकते हैं। इन दिनों मुख्य कारण मोबाइल बन रहा है। लोग देर रात तक मोबाइल चलाकर रील व वेब सीरीज देखते रहते हैं जिससे उन्हें अनिद्रा जैसी शिकायतें होने लगती हैं। उन्होंने बताया कि मानसिक तनाव के करीब 15 से 20 मरीज, अवसाद के 15 मरीज रोजाना उपचार लेने के लिए आ रहे हैं। इसके साथ ही माइग्रेन के 20 मरीज उपचार ले रहे हैं। अवसाद के प्रमुख लक्षण में मरीज का मन उदास रहना, आत्मविश्वास की कमी, नकारात्मक सोच, गुमसुम रहना, खुदकुशी का विचार आना आदि हैं।
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वहीं चिंता से ग्रसित मरीज के प्रमुख लक्षण घबराहट, बेचैनी, दिल का जोर से धड़कना, हाथ-पैरों का कांपना या सुन्न होना आदि हैं। उन्होंने सलाह दी कि अगर कोई मनोरोग से पीड़ित व्यक्ति है तो उसका उपचार कराना चाहिए। किसी झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें। संवाद