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सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सौंपे ज्ञापन
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Fri, 11 Dec 2015 11:14 PM IST
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नदियों के जल में प्रदूषण एवं सूखी पड़ी नदियों में जल का प्रवाह करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। यमुना में प्रदूषण रोकने की मांग एवं बूढ़ी नदी में जल का प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किए। पिछले वर्षों में बूढ़ी गंगा की सफाई के नाम पर खर्च हुए धन की जांच पड़ताल कराए जाने की भी कार्यकर्ताओं ने मांग उठाई।
गौरतलब हो कि तीर्थनगरी सोरों में करीब 400 वर्ष पूर्व बूढ़ी गंगा का प्रवाह बना हुआ था लेकिन नदी की धार बदल गई और बूढ़ी गंगा केवल बरसाती नदी के रूप में रह गई। अब लोग बूढ़ी गंगा को पुर्नजीवित करने की मांग कर हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बूढ़ी गंगा की सफाई कराकर जल का प्रवाह सुनिश्चित करने की मांग की वहीं पिछले समय में बूढ़ी गंगा में सफाई के नाम पर खर्च किए गए धन की जांच की मांग की।
इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष भगवान सिंह राघव, अमित तिवारी, अमित पल्तानी, अश्वनी चतुर्वेदी, धर्मेंद्र राठी, विशन कुमार, सतीश चंद्र भारद्वाज, वंशीधर शास्त्री, माधव तिवारी, प्रियांशू गौतम, चक्रपाल सिंह, शिवकुमार, राजेश राघव आदि मौजूद रहे। सामाजिक कार्यकर्ता पंडित अमित कुमार पाठक ने यमुना के अस्तित्व पर प्रदूषण का खतरा बताते हुए यमुना में होने वाले प्रदूषण को रोके जाने क ी मांग की है। उन्होंने कहा कि पीएम ने गंगा की सफाई के लिए नमामि गंगे योजना चलाई है। यमुना के लिए भी इसी तरह की योजना संचालित की जाए। उन्होंने यमुना में गिरने वाले कचरे को रोके जाने की भी मांग की है। इस दौरान दिलीप गुप्ता, वैभव भारद्वाज, शिवम वर्मा, अमित शर्मा, धीरज राणा, शिवम राणा आदि मौजूद रहे।
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गौरतलब हो कि तीर्थनगरी सोरों में करीब 400 वर्ष पूर्व बूढ़ी गंगा का प्रवाह बना हुआ था लेकिन नदी की धार बदल गई और बूढ़ी गंगा केवल बरसाती नदी के रूप में रह गई। अब लोग बूढ़ी गंगा को पुर्नजीवित करने की मांग कर हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बूढ़ी गंगा की सफाई कराकर जल का प्रवाह सुनिश्चित करने की मांग की वहीं पिछले समय में बूढ़ी गंगा में सफाई के नाम पर खर्च किए गए धन की जांच की मांग की।
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इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष भगवान सिंह राघव, अमित तिवारी, अमित पल्तानी, अश्वनी चतुर्वेदी, धर्मेंद्र राठी, विशन कुमार, सतीश चंद्र भारद्वाज, वंशीधर शास्त्री, माधव तिवारी, प्रियांशू गौतम, चक्रपाल सिंह, शिवकुमार, राजेश राघव आदि मौजूद रहे। सामाजिक कार्यकर्ता पंडित अमित कुमार पाठक ने यमुना के अस्तित्व पर प्रदूषण का खतरा बताते हुए यमुना में होने वाले प्रदूषण को रोके जाने क ी मांग की है। उन्होंने कहा कि पीएम ने गंगा की सफाई के लिए नमामि गंगे योजना चलाई है। यमुना के लिए भी इसी तरह की योजना संचालित की जाए। उन्होंने यमुना में गिरने वाले कचरे को रोके जाने की भी मांग की है। इस दौरान दिलीप गुप्ता, वैभव भारद्वाज, शिवम वर्मा, अमित शर्मा, धीरज राणा, शिवम राणा आदि मौजूद रहे।
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