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आईडी प्रूफ व प्रार्थाना पत्रों से सिरांव में चकबंदी का होगा निर्णय
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चकबंदी को लेकर खुली बैठक करते एसडीएम सदर अबुल कलाम ।
- फोटो : ETAH
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एटा। गांव सिरांव में चकबंदी को लेकर ग्रामीण दो गुटों में विभाजित हैं। शनिवार को गांव पहुंचे एसडीएम सदर से किसी ने चकबंदी की मांग की, तो किसी ने इसे निरस्त करने का मुद्दा उठाया। इस पर एसडीएम ने दोनों गुटों के ग्रामीणों से आईडी प्रूफ सहित प्रार्थनापत्र देने को कहा है। जिससे जानकारी हो सके कितने ग्रामीण चकबंदी कराना चाहते हैं।
शनिवार को सिरांव पहुंचे एसडीएम सदर अबुल कलाम ने कहा कि चकबंदी को लेकर खुली बैठक करनी चाहिए। जिससे जानकारी मिल सके कि गांव में कितने व्यक्ति चकबंदी का विरोध कर रहे हैं और कितने व्यक्ति चकबंदी कराना चाहते हैं, लेकिन गांव में इसकी बात नहीं बनी। इस दौरान चकबंदी का विरोध कर रहे लोग समीप के गांव नगला पुरजार में एकत्र हो गए। जबकि चकबंदी कराने वाले व्यक्ति सिरांव में मौजूद रहे।
ग्रामीणों के दो गुटों को देखकर एसडीएम ने कहा कि जो व्यक्ति गांव में चकबंदी कराना चाह रहे हैं और जो नहीं कराना चाह रहे हैं। वह सभी व्यक्ति अपनी आईडी प्रूफ के साथ प्रार्थनापत्र दें। जिससे अधिकारियों को जानकारी मिल सके कि गांव में कितने व्यक्ति ऐसे हैं जो चकबंदी कराना नहीं चाह रहे हैं। उन्होंने कहा चकबंदी से कितने व्यक्तियों को नुकसान होग और कितनों को फायदा यह कहना मुश्किल हैं।
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शनिवार को सिरांव पहुंचे एसडीएम सदर अबुल कलाम ने कहा कि चकबंदी को लेकर खुली बैठक करनी चाहिए। जिससे जानकारी मिल सके कि गांव में कितने व्यक्ति चकबंदी का विरोध कर रहे हैं और कितने व्यक्ति चकबंदी कराना चाहते हैं, लेकिन गांव में इसकी बात नहीं बनी। इस दौरान चकबंदी का विरोध कर रहे लोग समीप के गांव नगला पुरजार में एकत्र हो गए। जबकि चकबंदी कराने वाले व्यक्ति सिरांव में मौजूद रहे।
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ग्रामीणों के दो गुटों को देखकर एसडीएम ने कहा कि जो व्यक्ति गांव में चकबंदी कराना चाह रहे हैं और जो नहीं कराना चाह रहे हैं। वह सभी व्यक्ति अपनी आईडी प्रूफ के साथ प्रार्थनापत्र दें। जिससे अधिकारियों को जानकारी मिल सके कि गांव में कितने व्यक्ति ऐसे हैं जो चकबंदी कराना नहीं चाह रहे हैं। उन्होंने कहा चकबंदी से कितने व्यक्तियों को नुकसान होग और कितनों को फायदा यह कहना मुश्किल हैं।
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