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मेडिकल स्टोर बंद, मरीज हुए तंग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2015 10:55 PM IST
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रिटेल केमिस्ट पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता समाप्त करने और ऑनलाइन दवा बिक्री पर पाबंदी की मांग को लेकर बुधवार को केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन एसोसिएशन के तत्वावधान में दवा व्यापारियों ने अपने मडिकल स्टोर बंद रखे। व्यापारियां ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके चलते मरीजों को भटकना पड़ा। दवा विक्रेता सरोज मार्केट में एकत्रित हुए, बाद में एसडीएम सदर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे नए नियम ई-फार्मेसी से दवाओं को विक्रय ऑनलाइन होगा। जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं के साथ-साथ दवा व्यवसायियों को भी भुगतना पड़ेगा। इस पर प्रदेश सरकार द्वारा रोक लगाई जाए। ड्रग लाइसेंस के नवीनीकरण ऑनलाइन होने की वजह से खुदरा दवा दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है, क्योंकि एक ही फार्मासिस्ट का नाम अन्य लाइसेंस में भी शामिल है। इस प्रक्रिया की वजह से करीब 60 हजार खुदरा दवा की दुकानें बंद होने की कगार पर हैं। इधर, मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गईं। प्राइवेट चिकित्सकों ने एक दिन की हड़ताल को देखते हुए दवाओं का स्टॉक कर लिया। इस मौके पर सचिव अमिताभ विसारिया, कोषाध्यक्ष एचपी शर्मा, मनोज वार्ष्णेय, अनंत, नीलम, भारत, अतुल, विक्रांत आदि मौजूद थे।
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एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे नए नियम ई-फार्मेसी से दवाओं को विक्रय ऑनलाइन होगा। जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं के साथ-साथ दवा व्यवसायियों को भी भुगतना पड़ेगा। इस पर प्रदेश सरकार द्वारा रोक लगाई जाए। ड्रग लाइसेंस के नवीनीकरण ऑनलाइन होने की वजह से खुदरा दवा दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है, क्योंकि एक ही फार्मासिस्ट का नाम अन्य लाइसेंस में भी शामिल है। इस प्रक्रिया की वजह से करीब 60 हजार खुदरा दवा की दुकानें बंद होने की कगार पर हैं। इधर, मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गईं। प्राइवेट चिकित्सकों ने एक दिन की हड़ताल को देखते हुए दवाओं का स्टॉक कर लिया। इस मौके पर सचिव अमिताभ विसारिया, कोषाध्यक्ष एचपी शर्मा, मनोज वार्ष्णेय, अनंत, नीलम, भारत, अतुल, विक्रांत आदि मौजूद थे।
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