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मकर संक्रांति: दान-पुण्य को उठेंगे हाथ, मंदिरों में होंगे कार्यक्रम
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घंटाघर पर एक ठेल से गजक खरीदते लोग ।संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। मकर संक्रांति पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। सूर्योदय के साथ ही शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा। दान-पुण्य के लिए तमाम हाथ उठेंगे। साथ ही मंदिरों में भी कार्यक्रम किए जाएंगे। इसके लिए लोगों ने बुधवार को गजक, मूंगफली, फल आदि की खरीदारी की।
आचार्य गोविंद दुबे ने बताया कि 14 जनवरी को सूर्योदय के साथ ही मकर संक्रांति शुरू हो जाएगी।
सूर्यास्त के साथ मुहूर्त खत्म होगा। जबकि सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर दो बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा जो सूर्यास्त तक चलेगा। यह समय सर्व उत्तम कारक पुण्य काल रहेगा। इस दौरान तिल, चावल व वस्त्र का दान पुण्य कर सकते हैं। इससे पहले सुबह के समय लोग भंडारा आदि कर सकते हैं।
10 फीसदी महंगी हुई गजक
एटा। मकर संक्रांति पर दान-पुण्य के सामान पर महंगाई नजर आ रही है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार गजक, रेवड़ी आदि पर 10 फीसदी मंहगी हो गई है। अलग-अलग किस्म की गजक 200 रुपये से लेकर 300 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। विक्रेता प्रमोद कुमार, आलम खां ने बताया कि इस बार तिल के दाम अधिक होने की वजह से गजक मंहगी है। कुटी हुई गजक की सबसे ज्यादा मांग है।
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आचार्य गोविंद दुबे ने बताया कि 14 जनवरी को सूर्योदय के साथ ही मकर संक्रांति शुरू हो जाएगी।
सूर्यास्त के साथ मुहूर्त खत्म होगा। जबकि सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर दो बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा जो सूर्यास्त तक चलेगा। यह समय सर्व उत्तम कारक पुण्य काल रहेगा। इस दौरान तिल, चावल व वस्त्र का दान पुण्य कर सकते हैं। इससे पहले सुबह के समय लोग भंडारा आदि कर सकते हैं।
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10 फीसदी महंगी हुई गजक
एटा। मकर संक्रांति पर दान-पुण्य के सामान पर महंगाई नजर आ रही है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार गजक, रेवड़ी आदि पर 10 फीसदी मंहगी हो गई है। अलग-अलग किस्म की गजक 200 रुपये से लेकर 300 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। विक्रेता प्रमोद कुमार, आलम खां ने बताया कि इस बार तिल के दाम अधिक होने की वजह से गजक मंहगी है। कुटी हुई गजक की सबसे ज्यादा मांग है।
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