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भोले की भक्ति में डूबे कांवड़ियों का उमड़ा सैलाब
Amar Ujala
Updated Fri, 24 Feb 2017 12:28 AM IST
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गंगाघाट पर उमड़े कांवड़िया
- फोटो : Amar Ujala
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पतित पावनी गंगा के लहरा तट पर शिव भक्ति का ज्वार दिखा। भोले की भक्ति डूबे कांवड़िये भोलेनाथ के जलाभिषेक को कांवड़ों में गंगाजल ले जयकारे लगाते नजर आए। इनमें युवक, अधेड़, महिलाएं, युवतियां, बच्चे, विकलांग सभी शामिल थे। गंगा तट पर बुधवार की रात गंगाजल लेकर निकले कांवड़ियों की यह कतार करीब 25 किलोमीटर तक टूट नहीं रही थी।
कांवड़िये शिव भक्ति के पथ पर बुलंद इरादों के साथ आगे बढ़ रहे थे। गुरुवार को जलेसर, अवागढ़, हाथरस, कुरावली, सिकंदराराऊ, अमांपुर, बदायूं, एटा सहित विभिन्न नगर, कस्बे तथा ग्रामीण इलाकों के कांवड़िये बड़ी संख्या में पहुंच गंगाजल लेने आए थे। अनुमान है कि महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए लहरा गंगा घाट पर करीब 4 से पांच लाख कांवडिये आए हैं। लहरा की तलहटी के बाद कांवड़िये जब मुख्य सड़क पर पहुंचने पर ही थमते थे। इस दौरान भी बोल बम का जयकारा गूंजता ही रहता था। 25 किलोमीटर की दूरी को तीन से चार पड़ावों के बीच कांवड़िये पूरा कर रहे थे।
नाचते गाते कावड़ियों की टोलियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। बम बम भोले की जयकारे से पूरी फिजा गुंजायमान रही। कांवड़ियों के पैरों में बंधे घुंघरू और सीटी की आवाज टोलियों लगातार चलने की आहट दे रहीं थी। गुरुवार को पूरी रात कांवड़ियों की टोली के गुजरने का सिलसिला जारी रहा।
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इन रास्तों से गुजरे कांवड़िये
लहरा गंगाघाट से जल लेकर निकली कांवड़ियों की कतार नदरई तिराहे पर ही बंटती दिखी। यहां से कांवड़ियों की हजारों टोलियां एटा रोड पर निकली, तो कुछ टोलियां सिकंदराराऊ हाथरस की ओर गईं। ढोलना इलाके के कांवड़िये अतरौली मार्ग, गौरहा नहर के रास्ते से गए। बदायूं की ओर जाने वाले कांवड़िये जिन्होंने लहरा से जल भरा। वे लहरा चुंगी से निकले। कछला गंगा घाट से भी बदायूं व अन्य क्षेत्र के लिए हजारों कांवड़ियों ने जलाभिषेक के लिए गंगाजल कांवड में भरा।
कांवड़िये शिव भक्ति के पथ पर बुलंद इरादों के साथ आगे बढ़ रहे थे। गुरुवार को जलेसर, अवागढ़, हाथरस, कुरावली, सिकंदराराऊ, अमांपुर, बदायूं, एटा सहित विभिन्न नगर, कस्बे तथा ग्रामीण इलाकों के कांवड़िये बड़ी संख्या में पहुंच गंगाजल लेने आए थे। अनुमान है कि महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए लहरा गंगा घाट पर करीब 4 से पांच लाख कांवडिये आए हैं। लहरा की तलहटी के बाद कांवड़िये जब मुख्य सड़क पर पहुंचने पर ही थमते थे। इस दौरान भी बोल बम का जयकारा गूंजता ही रहता था। 25 किलोमीटर की दूरी को तीन से चार पड़ावों के बीच कांवड़िये पूरा कर रहे थे।
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नाचते गाते कावड़ियों की टोलियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। बम बम भोले की जयकारे से पूरी फिजा गुंजायमान रही। कांवड़ियों के पैरों में बंधे घुंघरू और सीटी की आवाज टोलियों लगातार चलने की आहट दे रहीं थी। गुरुवार को पूरी रात कांवड़ियों की टोली के गुजरने का सिलसिला जारी रहा।
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इन रास्तों से गुजरे कांवड़िये
लहरा गंगाघाट से जल लेकर निकली कांवड़ियों की कतार नदरई तिराहे पर ही बंटती दिखी। यहां से कांवड़ियों की हजारों टोलियां एटा रोड पर निकली, तो कुछ टोलियां सिकंदराराऊ हाथरस की ओर गईं। ढोलना इलाके के कांवड़िये अतरौली मार्ग, गौरहा नहर के रास्ते से गए। बदायूं की ओर जाने वाले कांवड़िये जिन्होंने लहरा से जल भरा। वे लहरा चुंगी से निकले। कछला गंगा घाट से भी बदायूं व अन्य क्षेत्र के लिए हजारों कांवड़ियों ने जलाभिषेक के लिए गंगाजल कांवड में भरा।