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Etah News: सिंचाई विभाग ने प्रशासन पर जड़े आरोप, भूमिका बताई संदिग्ध
Sun, 29 Sep 2024 10:56 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 29 Sep 2024 10:56 PM IST
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एटा। ब्लॉक निधौली कलां क्षेत्र के गांव सौरखा में शनिवार की देर शाम सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता व अन्य अधिकारियों पर किसानों ने हमला कर दिया। इस मामले में छह लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए अधिशासी अभियंता ने प्रशासन पर ही आरोप जड़ दिए हैं। एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार की भूमिका को संदिग्ध बताया है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता तुषारकांति राजन ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि अन्य अधिकारी सौरिखा गांव में बाढ़ से राहत दिलाने के कार्यों के निरीक्षण और ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए पहुंचे थे। साथ में एसडीएम के साथ अन्य प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस भी मौजूद थी। इस दौरान अनशनकारियों ने कार में बैठे अभियंता पर हमला कर दिया। इस घटना साफ जाहिर हो रहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त था, और उनकी मंशा अधिकारियों को लेकर सकारात्मक नहीं थी। घटना के समय मौके पर एसडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। लेकिन, जैसे ही स्थिति बिगड़ी, अधिकारी मौन बने रहे और किसी ने भी ग्रामीणों को रोकने या सुरक्षा का प्रबंध करने का प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों की उग्रता और अधिकारियों की निष्क्रियता से माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
अधिशासी अभियंता तुषारकांत राजन ने बताया कि यह घटना प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करती है। अधिकारियों की मौजूदगी में एक सरकारी अधिकारी पर हमला होना न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि यह भविष्य में ऐसे अधिकारियों की सुरक्षा और जनता के प्रति प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाता है। हम हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता तुषारकांति राजन ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि अन्य अधिकारी सौरिखा गांव में बाढ़ से राहत दिलाने के कार्यों के निरीक्षण और ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए पहुंचे थे। साथ में एसडीएम के साथ अन्य प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस भी मौजूद थी। इस दौरान अनशनकारियों ने कार में बैठे अभियंता पर हमला कर दिया। इस घटना साफ जाहिर हो रहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त था, और उनकी मंशा अधिकारियों को लेकर सकारात्मक नहीं थी। घटना के समय मौके पर एसडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। लेकिन, जैसे ही स्थिति बिगड़ी, अधिकारी मौन बने रहे और किसी ने भी ग्रामीणों को रोकने या सुरक्षा का प्रबंध करने का प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों की उग्रता और अधिकारियों की निष्क्रियता से माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
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अधिशासी अभियंता तुषारकांत राजन ने बताया कि यह घटना प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करती है। अधिकारियों की मौजूदगी में एक सरकारी अधिकारी पर हमला होना न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि यह भविष्य में ऐसे अधिकारियों की सुरक्षा और जनता के प्रति प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाता है। हम हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।
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