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बढ़ी जागरूकता से घट रहे रोगी
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Mon, 23 Mar 2015 11:32 PM IST
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लाखों-करोड़ों खर्च और विभाग के जागरूकता अभियान ने क्षय रोगियों की संख्या पर नियंत्रण पाया है। वर्ष 2013 में 2792 मरीज मिले तो वहीं 2014 में ये संख्या घटकर 2491 हो गई।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और चिकित्सा विभाग के प्रयासों से जहां लोगों में जागरूकता बढ़ी है। राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान से बाल रोगियों की संख्या में नियंत्रण हुआ है। जिला क्षय रोग अधिकारी के अनुसार जिले में जिला मुख्यालय स्थित क्षय रोग केंद्र के अलावा 16 अन्य स्थानों पर भी बलगम जांच और क्षय रोग का उपचार दिया जा रहा है।
47 हजार नमूनों में 8457 पाजिटिव
क्षय रोग विभाग द्वारा तीन सालों में 47 हजार से अधिक ‘टीबी ससपेक्ट’ के बलगम की जांच कराई गई। इनमें से 8457 लोग पॉजिटिव निकले। जबकि शेष में टीबी के लक्षण नहीं पाए गए।
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तीन साल के आंकड़े
वर्ष बलगम के नमूने पॉजिटिव नमूने
2012 16385 3214
2013 16301 2792
2014 14683 2451
हठीली टीबी के मरीज बढ़े
जिले में (मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट) एमडीआर टीबी पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2012 की तुलना में 2014 में पांच गुने पीड़ित चिन्हित किए गए हैं।
वर्ष एमडीआर टीबी पीड़ित
2012 04
2013 13
2014 20
मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट की चपेट में आ रहे लोगों को चिकित्सा विभाग घर बैठे उपचार उपलब्ध करा रहा है। ऐसे मरीजों के दो साल के उपचार में दो लाख से अधिक खर्च होता है। इनकी जांच अलीगढ़ केंद्र पर कराई जाती है।
- डा. एसपी सिंह, उपजिला क्षय रोग अधिकारी
विश्व स्वास्थ्य संगठन और चिकित्सा विभाग के प्रयासों की जागरूकता से क्षय रोगियों की संख्या घटी है, लेकिन ग्रामीण अंचल में रोग पर नियंत्रण अभी नहीं हो पा रहा।
- डा. निर्मल जैन, क्षय रोग विशेषज्ञ
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विश्व स्वास्थ्य संगठन और चिकित्सा विभाग के प्रयासों से जहां लोगों में जागरूकता बढ़ी है। राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान से बाल रोगियों की संख्या में नियंत्रण हुआ है। जिला क्षय रोग अधिकारी के अनुसार जिले में जिला मुख्यालय स्थित क्षय रोग केंद्र के अलावा 16 अन्य स्थानों पर भी बलगम जांच और क्षय रोग का उपचार दिया जा रहा है।
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47 हजार नमूनों में 8457 पाजिटिव
क्षय रोग विभाग द्वारा तीन सालों में 47 हजार से अधिक ‘टीबी ससपेक्ट’ के बलगम की जांच कराई गई। इनमें से 8457 लोग पॉजिटिव निकले। जबकि शेष में टीबी के लक्षण नहीं पाए गए।
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तीन साल के आंकड़े
वर्ष बलगम के नमूने पॉजिटिव नमूने
2012 16385 3214
2013 16301 2792
2014 14683 2451
हठीली टीबी के मरीज बढ़े
जिले में (मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट) एमडीआर टीबी पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2012 की तुलना में 2014 में पांच गुने पीड़ित चिन्हित किए गए हैं।
वर्ष एमडीआर टीबी पीड़ित
2012 04
2013 13
2014 20
मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट की चपेट में आ रहे लोगों को चिकित्सा विभाग घर बैठे उपचार उपलब्ध करा रहा है। ऐसे मरीजों के दो साल के उपचार में दो लाख से अधिक खर्च होता है। इनकी जांच अलीगढ़ केंद्र पर कराई जाती है।
- डा. एसपी सिंह, उपजिला क्षय रोग अधिकारी
विश्व स्वास्थ्य संगठन और चिकित्सा विभाग के प्रयासों की जागरूकता से क्षय रोगियों की संख्या घटी है, लेकिन ग्रामीण अंचल में रोग पर नियंत्रण अभी नहीं हो पा रहा।
- डा. निर्मल जैन, क्षय रोग विशेषज्ञ