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हुजूर-ए-पाक की सुन्नतों पर अमल करे मुस्लिम: मुफ्ती रहमान
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Thu, 17 Mar 2016 11:23 PM IST
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नेकी के रास्ते पर चलने होती है बरक्कत
- फोटो : अमर उजाला
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मोहल्ला काजी में जलसा सीरत-उन-नबी का आयोजन किया गया। इिसमें उलमा ने तकरीर कर इस्लाम की तालीम पर रोशनी डाली। लोगों से कहा कि अगर नबी-ए-करीम की सुन्नतों पर अमल करोगे, तो कभी परेशान नहीं होगे।
जलसे का आगाज नात-ए-पाक से हुआ। मुफ्ती अब्दुल रहमान मुरादाबादी ने लोगों को हुजूर-ए-पाक की जिंदगी से जुड़ी बातों को बया किया। उन्होंने कहा कि नमाज हर मुसलमान पर फर्ज है। नमाज किसी भी कीमत पर माफ नहीं है, क्योंकि यह नबी-ए-पाक की आंखों की ठंडक है। कन्नौज से तशरीफ लाए मौलाना तारिक जमील ने फरमाया कि मुसलमान को हलाल की कमाई खानी चाहिए, उसी से बरकत होती है। ऐसा कोई काम न करें जिससे दूसरों को दिक्कत हो। हर मुसलमान गरीबों की मदद करें। मुफ्ती मुजीबुर्रहमान, मौलाना इनाम अहमद ने भी हुजूर-ए-नबी-ए-करीम की जिंदगी पर रोशनी डाली। इस दौरान अकरम कुरैशी, शाहिद, जलीस अहमद, हाजी साबिर अली, हाफिज कमरुज्जमा, यामीन कुरैशी, हाजी हबीबुल्ला, मोहम्मद फारुक कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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जलसे का आगाज नात-ए-पाक से हुआ। मुफ्ती अब्दुल रहमान मुरादाबादी ने लोगों को हुजूर-ए-पाक की जिंदगी से जुड़ी बातों को बया किया। उन्होंने कहा कि नमाज हर मुसलमान पर फर्ज है। नमाज किसी भी कीमत पर माफ नहीं है, क्योंकि यह नबी-ए-पाक की आंखों की ठंडक है। कन्नौज से तशरीफ लाए मौलाना तारिक जमील ने फरमाया कि मुसलमान को हलाल की कमाई खानी चाहिए, उसी से बरकत होती है। ऐसा कोई काम न करें जिससे दूसरों को दिक्कत हो। हर मुसलमान गरीबों की मदद करें। मुफ्ती मुजीबुर्रहमान, मौलाना इनाम अहमद ने भी हुजूर-ए-नबी-ए-करीम की जिंदगी पर रोशनी डाली। इस दौरान अकरम कुरैशी, शाहिद, जलीस अहमद, हाजी साबिर अली, हाफिज कमरुज्जमा, यामीन कुरैशी, हाजी हबीबुल्ला, मोहम्मद फारुक कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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